ईडी ने बिधाननगर के पूर्व महापौर सब्यसाची दत्ता के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की

ईडी ने बिधाननगर के पूर्व महापौर सब्यसाची दत्ता के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की

ईडी ने बिधाननगर के पूर्व महापौर सब्यसाची दत्ता के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की
Modified Date: June 29, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: June 29, 2026 9:55 pm IST

कोलकाता, 29 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित जबरन वसूली मामले में बिधाननगर के पूर्व महापौर एवं तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दत्ता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से संबंधित दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन धनशोधन जांच में प्राथमिकी के समकक्ष प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) अभी दर्ज नहीं की गई है।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि केंद्रीय एजेंसी फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। इनके अध्ययन के बाद ही धनशोधन का औपचारिक मामला दर्ज करने पर फैसला लिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हम मूल अपराध का प्रारंभिक सत्यापन कर रहे हैं। हम राज्य पुलिस से प्राथमिकी, जब्ती सूची और अन्य संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर रहे हैं। अभी ईसीआईआर दर्ज नहीं की गई है। उपलब्ध सामग्री से यदि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराध से आय का संकेत मिलता है, तभी उस पर निर्णय लिया जाएगा।’’

यह घटनाक्रम बिधाननगर उत्तर थाने की पुलिस द्वारा दत्ता को कथित जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार किए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है। जांचकर्ता आरोपों की जांच कर रहे हैं कि उन्होंने एक कारोबारी से बड़ी रकम की कथित तौर पर वसूली की।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा दत्ता से जुड़े पांच बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगाये जाने की खबरों के बाद ईडी उनके वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

यह घटनाक्रम बिधाननगर उत्तर पुलिस द्वारा कथित जबरन वसूली के मामले में दत्ता की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद सामने आया है।

बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस इन खातों में जमा और निकासी की जांच कर रही है, जिनमें कथित तौर पर लगभग 3.70 करोड़ रुपये हैं। इनमें कुछ खाते दत्ता के नाम पर हैं, जबकि कुछ संयुक्त खाते हैं।

उन्होंने बताया कि दत्ता की गिरफ्तारी के बाद न्यू टाउन स्थित उनके आवास पर तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में सोना भी बरामद किया था।

ईडी अधिकारी ने कहा कि एजेंसी यह भी जांच करेगी कि जब्त की गई संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का कथित जबरन वसूली से अर्जित आय से कोई संबंध है या नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘ईडी वित्तीय लेनदेन की कड़ी की जांच कर रही है। इस चरण में उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या कथित अपराध से ऐसी आय अर्जित हुई है, जिस पर पीएमएलए के प्रावधान लागू होते हैं। फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है।’’

अधिकारी ने बताया कि ईडी, पुलिस जांच के दौरान नादिया जिले के तेहट्टा में दत्ता की करीबी सहयोगी टीना भौमिक साहा के आवास से 3.300 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद होने के मामले पर भी ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों से सोना, नकदी और वित्तीय दस्तावेजों की बरामदगी भी उन पहलुओं में शामिल है, जिनकी केंद्रीय एजेंसी यह तय करने के लिए जांच कर रही है कि धनशोधन का मामला दर्ज किया जाए या नहीं।

अधिकारी के अनुसार, यदि प्रारंभिक जांच में पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से अर्जित आय के पर्याप्त संकेत मिलते हैं, तो नयी दिल्ली स्थित मुख्यालय से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ईडी औपचारिक रूप से ईसीआईआर दर्ज कर सकती है।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


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