गुजरात के आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पाकिस्तान की सीमा से लगे गांवों में रुकेंगे

गुजरात के आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पाकिस्तान की सीमा से लगे गांवों में रुकेंगे

गुजरात के आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पाकिस्तान की सीमा से लगे गांवों में रुकेंगे
Modified Date: June 7, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: June 7, 2026 7:10 pm IST

अहमदाबाद, आठ जून (भाषा) भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के गुजरात के आठ वरिष्ठ अधिकारी सीमा सुरक्षा की समीक्षा और दूरस्थ इलाकों की स्थिति का आकलन करने के लिए 11 और 12 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे 16 गांवों का दौरा करेंगे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी पाकिस्तान की सीमा से लगे वाव-थराद, पाटन और कच्छ जिलों के गांवों का दौरा करेंगे और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत रात में स्थानीय निवासियों के घरों में रुकेंगे। संघवी के पास गृह विभाग का प्रभार भी है।

राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि इस कवायद का उद्देश्य राज्य की अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि इस दौरे में अधिकारी सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे, दूरदराज के इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत करेंगे, रात्रि बैठकें करेंगे, सीमा पर गश्त का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा एवं स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों से संवाद करेंगे।

गुजरात की पाकिस्तान के साथ 500 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है जो कच्छ के रण से लेकर अरब सागर के किनारे स्थित सर क्रीक तक फैली हुई है।

राज्य सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) वबांग जमीर वाव-थराद जिले के असरगाम और राछेना गांवों का दौरा करेंगे जबकि एडीजीपी अजय कुमार चौधरी पूर्वी कच्छ के शिरानिवांध और जाटावाडा गांवों का दौरा करेंगे।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बिपिन अहीरे पाटन जिले के धोकावाड़ा और चरंका गांवों का दौरा करेंगे जबकि पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ए एम मुनिया वाव-थराद के राडोसन और गोलाप गांवों का दौरा करेंगे।

पश्चिमी कच्छ में डीआईजी के एन डामोर जूना और देढिया गांवों का दौरा करेंगे, डीआईजी लीना पाटिल उधामो और पाटागर गांवों का दौरा करेंगी, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) आर टी सुसरा पुराजपुर एवं गुनाऊ गांवों का दौरा करेंगे तथा डीआईजी सुधा पांडेय दिनारा और भितारा-मोटा गांवों में रुकेंगी।

विज्ञप्ति में बताया गया कि यह कार्यक्रम औपचारिक दौरा नहीं बल्कि ‘‘सीमा सुरक्षा और ग्रामीण स्थिति की गहन समीक्षा कवायद’’ है।

इसी तरह की कवायद पिछले वर्ष नवंबर में भी की गई थी, जब संघवी ने करीब 30 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ कच्छ और बनासकांठा जिलों के सीमावर्ती गांवों का दौरा कर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा की थी।

भाषा

सिम्मी नरेश

नरेश


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