सेना के पूर्व अधिकारी ने गुरुग्राम यातायात पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया, शिकायत दर्ज
सेना के पूर्व अधिकारी ने गुरुग्राम यातायात पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया, शिकायत दर्ज
गुरुग्राम, नौ जून (भाषा) गुरुग्राम में सेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपने और अपने परिवार के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए यातायात पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यातायात पुलिस ने उन्हें और उनके परिवार को आधी रात को लगभग डेढ़ घंटे तक सड़क पर खड़ा रखा। उन्होंने कहा कि स्थिति तब और बिगड़ गई जब शराब पीने संबंधी दो बार की गयी जांच में बेगुनाही साबित होने के बावजूद पुलिस ने परिवार को जाने नहीं दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की जांच यातायात (पूर्व) के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को सौंपी गई है।
शिकायत के अनुसार, सेवानिवृत्त मेजर हेमेंद्र सिंह ने कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान घायल हुए थे और उनकी टीम ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। वह वर्ष 2007 में दिव्यांगता के आधार पर सेना से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में कॉर्पोरेट में एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं।
शिकायत के अनुसार, सात जून की रात मेजर हेमेंद्र सिंह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ साइबर सिटी गोल्फ कोर्स रोड स्थित एक रेस्तरां में भोजन करने के बाद अपने आवासीय परिसर लौट रहे थे, तभी पुलिस की एक टीम ने उन्हें रोक लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान पुलिसकर्मी ने शराब की जांच करने वाले उपकरण को बिना स्ट्रॉ या नोजल बदले सीधे उनके मुंह में लगा दिया, जबकि उससे पहले उसी उपकरण का इस्तेमाल किसी अन्य चालक की जांच के लिए किया गया था।
मेजर का आरोप है कि प्रारंभिक जांच में अल्कोहल का स्तर 91 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज हुआ, जो निर्धारित सीमा से काफी अधिक था। इसके बाद यातायात पुलिसकर्मी कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा और चालान काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने नई स्ट्रॉ के साथ निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराने की मांग की, तो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी नाराज हो गया और रौब दिखाने लगा।
मेजर सिंह ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘हालांकि, जब दबाव डालने पर नई नोजल के साथ दोबारा दो बार जांच की गई, तो सच्चाई सामने आ गई। दोनों बार अल्कोहल की मात्रा केवल 13 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर निकली, जो कानूनी रूप से निर्धारित सामान्य और सुरक्षित सीमा के भीतर थी।’’
मेजर ने कहा कि इसके बाद उन्होंने 112 पर फोन कर पुलिसकर्मियों के व्यवहार की शिकायत की।
सिंह के अनुसार, जैसे ही जांच कर रहे यातायात पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी मिली, वे अपने वाहन के साथ वहां से चले गए।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच यातायात (पूर्व) के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को सौंपी गई है।
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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