फाल्टा पुनर्मतदान: पांच दौर की गणना के बाद भाजपा को बढ़त

फाल्टा पुनर्मतदान: पांच दौर की गणना के बाद भाजपा को बढ़त

फाल्टा पुनर्मतदान: पांच दौर की गणना के बाद भाजपा को बढ़त
Modified Date: May 24, 2026 / 11:54 am IST
Published Date: May 24, 2026 11:54 am IST

कोलकाता, 24 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान के बाद रविवार को हुई मतगणना के पांच दौर की गणना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 14,000 से अधिक वोट की बढ़त हासिल कर ली है। यह जानकारी निर्वाचन आयोग ने दी।

मतगणना के 21 दौर में से पांच दौर की गणना के बाद पांडा ने 30,562 वोट हासिल किए जिससे उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी पर 14,514 वोट की बढ़त बना ली, जिन्हें 16,048 वोट मिले।

तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से दो दिन पहले चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी और इसे अपना निजी फैसला बताया था। वह 1,685 वोट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

मतगणना के पांचवें दौर की गणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 3,510 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे शुरू हुई।

दक्षिण 24 परगना जिले के निर्वाचन क्षेत्र के सभी 285 बूथ पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया था। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में छेड़छाड़ और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया गया था।

पुनर्मतदान में 2.36 लाख मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक ने मतदान किया था। आयोग ने सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरे निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियों की तैनाती के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी।

इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं में 1,21,300 पुरुष, 1,15,135 महिलाएं और नौ ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।

निर्वाचन क्षेत्र में 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद से तनाव बना हुआ था। उस समय कई बूथ से शिकायतें मिली थीं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और टेप लगाए गए थे।

बाद में की गई जांच में कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में रिकॉर्ड फुटेज से छेड़छाड़ के कथित प्रयासों का भी पता चला। इससे बूथ-स्तरीय अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर सवाल उठे।

इसके बाद निर्वाचन आयोग ने सभी बूथ पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था।

भाषा सुरभि अमित

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