जोजिला सुरंग में अंतिम ‘ब्रेकथ्रू’ हासिल, फरवरी 2028 में जनता के लिए खोली जा सकती है

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जोजिला सुरंग में अंतिम ‘ब्रेकथ्रू’ हासिल, फरवरी 2028 में जनता के लिए खोली जा सकती है

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 01:06 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 01:06 PM IST

( तस्वीर सहित )

मिनीमर्ग (लद्दाख), नौ जून (भाषा) देश की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक, जोजिला सुरंग में मंगलवार को एक विस्फोट के बाद अंतिम ‘ब्रेकथ्रू’ (आर-पार रास्ता) प्राप्त कर लिया गया। यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी ‘सिंगल-ट्यूब’, दो मार्ग वाली सुरंग है जो अब पूरा होने के करीब है।

सुरंग के निर्माण कार्य में ‘ब्रेकथ्रू’ उस स्थिति को कहते हैं जब सुरंग की खुदाई दोनों दिशाओं से पूरी हो जाती है और सुरंग दोनों ओर आर-पार के लिए खुल जाती है।

अधिकारियों ने बताया, ‘‘सुरंग के भीतर अंतिम 2.5 मीटर की दूरी को सफलतापूर्वक भेद दिया गया है।’’

इस सफलता ने कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क (ऑल-वेदर कनेक्टिविटी) के दशकों पुराने सपने को हकीकत के और करीब ला दिया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट का बटन दबाकर लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के मिनीमर्ग स्थित सुरंग के ईस्ट पोर्टल के पास ‘ब्रेकथ्रू’ स्थल पर विस्फोट किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता निर्धारित समय से छह महीने पहले हासिल कर ली गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग को फरवरी 2028 में जनता के लिए खोले जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ‘ब्रेकथ्रू’ के बाद सिविल कार्यों में 7-8 महीने और लगेंगे और उसके बाद बिजली का काम शुरू होगा।

परियोजना के ‘ऑथोरिटी इंजीनियर’ यूसुफ एशागपुर रहीमाबादी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अब तक कुल कार्य का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। यह सुरंग 9.5 मीटर चौड़ी, 7.57 मीटर ऊंची और 13.153 किलोमीटर लंबी है, जो समुद्र तल से लगभग 11,578 फुट की ऊंचाई पर बनाई जा रही है। यह घोड़े की नाल (हॉर्सशू) के आकार की सिंगल-ट्यूब, दो-लेन वाली सड़क सुरंग है।

अधिकारियों ने कहा कि श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यह भू-सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग लद्दाख को साल भर सड़क संपर्क प्रदान करेगी और पहले के 1-1.5 घंटे के यात्रा समय को घटाकर महज 15 मिनट कर देगी।

चालू होने के बाद, यह सुरंग खतरनाक जोजिला दर्रे के आर-पार नागरिकों और सैन्य आवाजाही, दोनों को सुगम बनाएगी। भारी हिमपात के कारण यह दर्रा आमतौर पर सर्दियों के तीन महीनों के लिए यातायात के लिए बंद रहता है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा