असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ी; एक व्यक्ति लापता, 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ी; एक व्यक्ति लापता, 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित
(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 29 जून (भाषा) असम में सोमवार को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई। राज्य के पांच जिलों में 45,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है।
बुलेटिन के मुताबिक, रविवार तक असम के छह जिलों में 22,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए थे।
सोमवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से फोन पर बात कर राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने हिमंत को संकट से निपटने में हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, धेमाजी जिले के जोनाई उपमंडल में एक व्यक्ति तेज पानी में बह जाने के बाद लापता हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चिरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, लखीमपुर और नलबाड़ी जिलों में बाढ़ के कारण 45,500 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
इसमें कहा गया है कि धेमाजी बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 41,000 से अधिक लोग इसकी चपेट हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डिब्रूगढ़ में लगभग 4,000 लोग और चिरांग में लगभग 800 लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शाह ने मुख्यमंत्री से राज्य की नदियों में आए उफान से हुए नुकसान की सीमा (यदि कोई हो) के बारे में जानना चाहा और स्थिति से निपटने में केंद्र की ओर से हर संभव सहायता की पेशकश की।
हिमंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं गृह मंत्री अमित शाह का धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में फोन करके जानकारी लेने के लिए धन्यवाद करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने शाह को जिले में जारी राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में भी जानकारी दी।
हिमंत ने लिखा, “उन्होंने (शाह) स्थिति से निपटने के लिए हमें भारत सरकार की ओर से हर संभव सहयोग और मदद का भरोसा भी दिलाया है।”
उन्होंने बताया कि जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत को धेमाजी में डेरा डालने और पूरी राहत प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
हिमंत ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को बचाना और उन तक राहत पहुंचाना है। हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं… भारी बारिश से होने वाले किसी भी प्रभाव को कम करने के लिए हम एहतियाती कदम उठाते हुए मिट्टी के कटाव को रोकने संबंधी उपायों को मजबूत कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि क्षेत्रों का निरीक्षण करते समय मंत्री इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सभी राहत सामग्री राहत शिविरों में रह रहे लोगों तक पहुंचे।
हिमंत ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर बाधित परिवहन प्रणालियों को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
एएसडीएमए ने कहा कि प्रशासन दो जिलों में 12 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां वर्तमान में 655 विस्थापित लोगों की देखभाल की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के बाढ़ पीड़ितों के बीच 519.8 क्विंटल चावल, 93.52 क्विंटल दाल, 28.2 क्विंटल नमक और 2,815.57 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया है।
एएसडीएमए के मुताबिक, वर्तमान में असम के 257 गांव जलमग्न हैं और 4,278.52 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
उसने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नांगलामुराघाट में दिसांग नदी अब खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर बाढ़ के कारण पूरे राज्य में 76,161 से अधिक मवेशी और पोल्ट्री प्रभावित हुए हैं।
भाषा पारुल माधव
माधव

Facebook


