कोलकाता के पूर्व पार्षद शम्स को गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत, शिकायतकर्ता ने मामला वापस लिया
कोलकाता के पूर्व पार्षद शम्स को गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत, शिकायतकर्ता ने मामला वापस लिया
कोलकाता, 29 जून (भाषा) कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पूर्व पार्षद शम्स इकबाल अनिल को 2023 के एक कथित रंगदारी मामले में गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद सोमवार को शहर की एक अदालत ने जमानत दे दी। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा आरोप वापस लेने के बाद अदालत ने शम्स इकबाल अनिल को राहत प्रदान की।
अधिकारियों ने बताया कि शम्स को सोमवार सुबह गार्डन रीच थाने की पुलिस ने रंगदारी और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया। बाद में दिन में उन्हें अलीपुर की अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब शिकायतकर्ता ने अदालत में एक हलफनामा दाखिल करके कहा कि वह पूर्व पार्षद के खिलाफ इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता।
शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल और शम्स के बीच लंबे समय से कारोबारी संबंध रहे हैं और यह शिकायत दोनों के बीच एक गलतफहमी के कारण दर्ज कराई गई थी।
वकील ने अदालत से कहा, ‘‘अब यह मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है और मेरा मुवक्किल शिकायत को आगे नहीं बढ़ाना चाहता।’’
अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सोमवार दोपहर शम्स को जमानत दे दी।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लंबित आपराधिक मामले की जांच के तहत और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शम्स को गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘शम्स इकबाल अनिल को रविवार रात हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई थी, जिसके बाद सोमवार सुबह उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि वह आरोप वापस लेना चाहता है। इसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।’’
उन्होंने बताया कि यह मामला वर्ष 2023 का है, जब मटियाबुर्ज निवासी मोहम्मद शादाब ने गार्डन रीच थाने में शम्स और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, शादाब ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी और उनसे कथित तौर पर 70 लाख रुपये की रंगदारी वसूली।
अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने आपस में विवाद सुलझा लिया है। अब मेरे मुवक्किल को आरोपियों से कोई शिकायत नहीं है, इसलिए वह शिकायत वापस लेना चाहता है।’’
अधिकारी ने कहा कि अदालत के समक्ष शिकायत वापस लेना दोनों पक्षों के बीच का मामला है। जांच एजेंसी अदालत के निर्देशों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
भाषा अमित धीरज
धीरज

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