चेन्नई, नौ जून (भाषा) तमिलनाडु के बिजली मंत्री सी टी आर निर्मल कुमार ने चेन्नई और उपनगरों में बार-बार होने वाली बिजली कटौती के लिए मंगलवार को ‘सुनियोजित साजिश’ को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि कुछ लोगों ने जानबूझकर फ्यूज खींच दिये या बिजली गुल करवा दी ताकि लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए भड़काया जा सके।
उन्होंने कहा कि अधिकारी बिजली कटौती की आवृत्ति और स्थान का आकलन कर रहे है ताकि संदिग्ध और दोहराव वाले पैटर्न का पता लगाया जा सके कि यह तकनीकी समस्या के बजाय ‘सुनियोजित साजिश’’ है।
जब कुमार से लगातार बिजली कटौती और इस मुद्दे पर लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जाने के बारे में पत्रकारों ने सवाल किया तब उन्होंने कहा, ‘‘बिजली के बुनियादी ढांचे से छेड़छाड़ करते हुए पकड़े गए व्यक्तियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और कुछ गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।’
शनिवार रात लंबे समय तक बिजली कटौती से चेन्नई और उसके आसपास के कई इलाकों में लोगों को नींद नहीं आयी। मेदावक्कम, पल्लीकरनई, पेरुम्बक्कम, शोलिंगनल्लूर और ईस्ट कोस्ट रोड क्षेत्र में कुछ लोग बिजली कटौती से परेशान होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, क्योंकि बिजली कटौती दो से चार घंटे तक चली।
प्रदर्शनकारियों का दावा था कि बिजली कटौती बार-बार हो रही है, जबकि तमिलनाडु विद्युत बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘ट्रिपिंग’ और वितरण संबंधी समस्याओं के कारण यह अस्थायी बिजली कटौती हुई थी।
कुमार ने कहा, ‘‘अधिकारी उपकरणों से छेड़छाड़ करने वाले व्यक्तियों, जैसे कि फ्यूज निकालने वालों की पहचान करने के लिए मौजूदा सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर रहे हैं।’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीसीटीवी कवरेज से वंचित क्षेत्रों में जनता की सतर्कता महत्वपूर्ण है।
भाषा राजकुमार मनीषा
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