अगले कुछ घंटों में ‘अच्छी खबर’ आ सकती है: रूबियो ने पश्चिम एशिया संकट पर कहा

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अगले कुछ घंटों में ‘अच्छी खबर’ आ सकती है: रूबियो ने पश्चिम एशिया संकट पर कहा

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 05:52 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 05:52 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ वार्ता में अमेरिका ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलना भी शामिल है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद रूबियो ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले कुछ घंटों में ‘‘अच्छी खबर’’ आने की संभावना है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोई घोषणा की जा सकती है।

रूबियो ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ईरान की स्थिति के बारे में, मेरा मानना ​​है कि इस विषय पर आज थोड़ी देर बाद और खबरें आ सकती हैं, और इस संबंध में घोषणाएं राष्ट्रपति ही करेंगे।’’

अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस संबंध में विस्तार से बताए बिना कहा कि पिछले 48 घंटों में संघर्ष को सुलझाने की रूपरेखा पर बातचीत में प्रगति हुई है।

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मुख्य अड़चनें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर हैं। अमेरिका और इजराइल के गत 28 फरवरी को संयुक्त हमले शुरू करने और ईरान के पलटवार के परिणामस्वरूप जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।

ट्रंप ने शनिवार को अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘समझौते के कई अन्य पहलुओं के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी को याद दिलाता हूं कि हमारा अंतिम लक्ष्य यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित करने की प्रक्रिया में शामिल न हो सके।’’

रूबियो ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, और वे अभी जो कर रहे हैं वह मूल रूप से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का उपयोग करने वाले वाणिज्यिक जहाजों को नष्ट करने की धमकी देना है जो अंतरराष्ट्रीय कानून की किसी भी अवधारणा के तहत अवैध है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 48 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में हमारे साझेदारों के साथ मिलकर एक रूपरेखा तैयार करने में कुछ प्रगति हुई है, जो अगर सफल होती है, तो अंततः हमें न केवल पूरी तरह से खुला होर्मुज जलडमरूमध्य प्रदान कर सकती है।’’

भाषा देवेंद्र प्रशांत

प्रशांत