आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार नीतिगत फैसले ले सकती है : सीईसी

आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार नीतिगत फैसले ले सकती है : सीईसी

आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार नीतिगत फैसले ले सकती है : सीईसी
Modified Date: March 15, 2026 / 09:36 pm IST
Published Date: March 15, 2026 9:36 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि आचार संहिता लागू होने से पहले केंद्र और राज्य सरकारें अपने विवेक के अनुसार नीतिगत फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

उन्होंने यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से कुछ ही मिनट पहले एक के बाद एक दो महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा करने के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में की। बंगाल की ममता बनर्जी सरकार द्वारा लिये गए निर्णयों में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान और पुरोहितों और मुअज्जिनों के मानदेय में वृद्धि शामिल है।

कुमार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले लिए गए निर्णय सरकार का विशेषाधिकार हैं। उन्होंने शाम करीब चार बजे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन को इंगित करते हुए कहा कि आदर्श आचार संहिता अभी लागू हुई है।

ममता बनर्जी ने टेलीविजन के माध्यम से अपराह्न 2.40 बजे हिंदू और मुस्लिम धार्मिक पदाधिकारियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा पांच राज्यों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए निर्धारित संवाददाता सम्मेलन से 80 मिनट पहले की।

वहीं बनर्जी ने अपराह्न 3.05 बजे, निर्वाचन आयोग के संवाददाता सम्मेलन से 55 मिनट पहले, डीए बकाया के वितरण की घोषणा की।

निर्वाचन आयोग ने रविवार को घोषणा की कि बंगाल की 294 विधानसभा सीट के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा तथा मतगणना चार मई को होगी।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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