खनिज सम्पदा की लूट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राज्यपाल बर्खास्त करें : मरांडी |

खनिज सम्पदा की लूट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राज्यपाल बर्खास्त करें : मरांडी

खनिज सम्पदा की लूट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राज्यपाल बर्खास्त करें : मरांडी

: , September 22, 2022 / 04:28 PM IST

दुमका (झारखण्ड), 22 सितम्बर (भाषा) झारखंड विधानसभा में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी ने राज्यपाल रमेश बैस से प्रदेश की ‘खनिज संपदा की लूट करने वाले’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बर्खास्त करने की मांग की।

बाबूलाल मरांडी ने बृहस्पतिवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य के साहिबगंज जिले में पिछले दिनों हुए अवैध खनन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अदालत में जो आरोप-पत्र दाखिल किया है, उसमें मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के संरक्षण में एक हजार करोड़ रुपये का अवैध खनन होने की बात सामने आयी है।

उन्होंने कहा कि अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि विधायक प्रतिनिधि अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि एक प्रकार से साहिबगंज का मुख्यमंत्री बन बैठे थे।

बाबूलाल ने कहा, ‘‘अब यह नहीं कहा जा सकता कि इस कारोबार में मुख्यमंत्री की संलिप्तता नहीं है। मुख्यमंत्री में नैतिकता बची होती तो इस मामले के कारण वे स्वयं त्यागपत्र दे देते, लेकिन वे त्यागपत्र देंगे नहीं। मुख्यमंत्री क्षमा के योग्य नहीं हैं।

मरांडी ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में राज्यपाल को चाहिये कि वह ऐसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री को वह तत्काल बर्खास्त कर दें।’’

भाजपा नेता ने कहा कि पूरे संथाल परगना प्रमंडल में जोड़ता हूं तो पत्थर, कोयला, बालू मिलाकर अवैध खनन के माध्यम से पांच हजार करोड़ रुपये से कम की चोरी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एक-डेढ़ साल पहले झारखण्ड और बिहार के मुख्यमंत्रियों को अवैध खनन के मामले को लेकर पत्र लिखा था। बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र इसलिये लिखा था कि अवैध खनन कर माल बिहार भी ले जाया जाता था। अगर उस समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवैध कारोबार को रोका होता तो इतनी बड़ी सम्पत्ति की चोरी नहीं होती।

उन्होंने कहा कि जिस अवैध कारोबार की बात को मैं उठा रहा था, वह सच साबित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जो रुपये झारखण्ड सरकार के खजाने में जाने चाहिये थे, वे हेमंत सोरेन और उनके दलालों की तिजोरी में गये, इसलिये ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पूछताछ की जानी चाहिये।’’

इस बारे में पूछे जाने पर फिलहाल झारखंड मुक्ति मोर्चा अथवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है।

भाषा सं इन्दु रंजन

रंजन

 

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