लंबित मामलों को कम करने के लिए सरकार, न्यायपालिका को साथ आना होगा: रीजीजू |

लंबित मामलों को कम करने के लिए सरकार, न्यायपालिका को साथ आना होगा: रीजीजू

लंबित मामलों को कम करने के लिए सरकार, न्यायपालिका को साथ आना होगा: रीजीजू

: , January 24, 2023 / 09:13 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि विभिन्न अदालतों में करीब 4.90 करोड़ मामले लंबित हैं, ऐसे में सरकार और न्यायपालिका को साथ आना होगा ताकि सबसे तेज गति से न्याय हो सके और प्रौद्योगिकी इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय ई-समिति के प्रमुख के रूप में प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने यहां कानून मंत्रालय के एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘लगभग 4.90 करोड़ मामले लंबित हैं। यह एक बड़ी संख्या है, खासकर जब आप सोचते हैं कि इतने सारे लोग न्याय पाने में असमर्थ हैं। लंबित मामलों का मतलब न्याय में देरी है। न्याय में देरी का मतलब न्याय से इनकार है। न्याय जल्द से जल्द तेजी से दिया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लंबित मामलों की दर को कम करने का एकमात्र तरीका सरकार और न्यायपालिका का एक साथ आना है। हमें एक साथ आना होगा। प्रौद्योगिकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।’’

रीजीजू ने कहा कि अगर एक न्यायाधीश को प्रधान न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया जाता है, तो वह ई-समिति का प्रभार किसी अन्य न्यायाधीश को सौंप देता है।

जब न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ प्रधान न्यायाधीश बने तो रीजीजू ने उनसे ई-समिति के अध्यक्ष के रूप में बने रहने का अनुरोध किया था क्योंकि ई-न्यायालय परियोजना का तृतीय चरण एक अहम मोड़ पर था।

मंत्री ने कहा कि वह ई-समिति के प्रमुख न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक उपयुक्त चरण में वह किसी और को प्रभार सौंप सकते हैं। मुझे खुशी है कि वह सहमत हो गए हैं और इसका (ई-समिति) नेतृत्व करना जारी रखेंगे।’’

उन्होंने कहा कि कानून मंत्रालय में ई-समिति और न्याय विभाग बहुत करीब से काम कर रहे हैं और चीजों को जल्द से जल्द पूरा करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

न्याय विभाग ने सोमवार को ई-न्यायालय परियोजना के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया था।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश

 

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