ग्राम सभा को तीन लाख रुपये तक के काम मंजूर करने की अनुमति दी जाए: एजेकेपीसी |

ग्राम सभा को तीन लाख रुपये तक के काम मंजूर करने की अनुमति दी जाए: एजेकेपीसी

ग्राम सभा को तीन लाख रुपये तक के काम मंजूर करने की अनुमति दी जाए: एजेकेपीसी

: , November 29, 2022 / 07:54 PM IST

जम्मू, 15 नवंबर (भाषा) ऑल जम्मू एवं कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस (एजेकेपीसी) ने मांग की है कि तीन लाख रुपये तक के काम मंजूर करने की अनुमति ग्रमसभा को दी जााए। निर्वाचित पंचायत सस्दयों के प्रतिनिधि निकाय ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा छोटे कार्यों के लिए ई-निविदा का उपाय करने का फैसला स्थानीय गांवों के शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसरों से वंचित कर रहा है।

एजेकेपीसी ने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में पूंजीगत बजट के तहत ठेकेदारों द्वारा किये गये काम बहुत घटिया गुणवत्ता के हैं और ठेकेदार ग्रामसभा सदस्यों के अनुरोध पर भी ध्यान नहीं देते। यह भी आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी भी पंचों और सरपंचों को नजरअंदाज करते हैं।

एजेकेपीसी के प्रमुख अनिल शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार से बार-बार अनुरोध और वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद छोटे-मोटे काम का आंवटन भी ई-टेंडर के जरिये किया जा रहा है, जिससे ना केवल ग्रामसभा की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है बल्कि स्थानीय शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर से वंचित होना पड़ रहा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पंचयत सदस्य हमेशा शिकायत करते हैं कि ठेकेदार द्वारा किये गये कार्य की गुणवत्ता बहुत खराब होती है और उनकी किसी के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं होती।

उन्होंने अधिकारियों और जिला प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग को आगाह किया कि वे चुने हुए प्रतिनिधियों के धैर्य की परीक्षा नहीं लें और पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता बाधित नहीं करें।

एजेकेपीसी नेताओं ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, आयुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और मंडलायुक्त से अनुरोध किया कि वे पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को बिना किसी हस्तक्षेप के काम करने दें।

उन्होंने कहा कि ग्रामसभा को तीन लाख रुपये तक के काम के लिए ग्रामसभा को अनुमति दी जाये कि वह पात्र शिक्षित युवा और स्वयं सहायता समूह की पहचान करके गांव और पंचायतों में काम करा सके। उन्होंने कहा कि इससे ना केवल रोजगार के अवसर का निर्माण होगा बल्कि काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।

भाषा संतोष माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)