‘ग्रीन ऑस्कर’ विजेता पूर्णिमा बर्मन ने असम के वन मंत्री से हरगिला के संरक्षण पर चर्चा की
‘ग्रीन ऑस्कर’ विजेता पूर्णिमा बर्मन ने असम के वन मंत्री से हरगिला के संरक्षण पर चर्चा की
गुवाहाटी, 29 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘हरगिला सेना’ द्वारा हरगिला के स्थानीय नाम से मशहूर विशालकाय पक्षी ‘ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क’ के संरक्षण प्रयासों की सराहना किए जाने के एक दिन बाद सोमवार को ‘ग्रीन ऑस्कर’ से सम्मानित पूर्णिमा देवी बर्मन ने असम के वन मंत्री जयंत मल्ल बरुआ से मुलाकात की और राज्य में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को पूर्वोत्तर राज्य में जीवविज्ञानी पूर्णिमा और ग्रामीण महिलाओं के एक समूह द्वारा ‘हरगिला’ के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बरुआ ने बर्मन से मुलाकात कर हरगिला के संरक्षण के लिए जारी प्रयासों पर चर्चा की और राज्य में वन्यजीव संरक्षण पहलों को और मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
बयान के मुताबिक, इस दौरान पूर्णिमा ने वन मंत्री को हरगिला संरक्षण की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी देने के साथ उनके लिए चलाई जा रही समुदाय आधारित पहल और इसे प्रभावित करने वाली चुनौतियों के बारे बताया।
पूर्णिमा लुप्तप्राय हरगिला के संरक्षण और सुरक्षा हेतु अपने ‘हरगिला सेना’ के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रतिष्ठित व्हिटले पुरस्कार को आमतौर पर ‘ग्रीन पुरस्कार’ के नाम से जाना जाता है। इससे सम्मानित की गयी पूर्णिमा, कामरूप जिले के पचरिया, दादरा और सिंगिमारी गांवों में ‘हरगिला’ के संरक्षण के लिए काम कर रही हैं।
बयान में कहा गया, “पूर्णिमा ने आभार व्यक्त करते हुए संरक्षण अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और वन्यजीव संरक्षण के प्रति असम के वन मंत्री की ओर से लगातार दिए जा रहे प्रोत्साहन की सराहना की।”
बरुआ ने बैठक के बाद कहा, ‘सालों तक हरगिला को अंधविश्वास से जोड़ा जाता था और कई लोग इसे अशुभ मानते थे। डॉ. बर्मन और समुदाय के अनगिनत स्वयंसेवकों की अथक कोशिशों से ये गलतफहमियां धीरे-धीरे दूर हो रही हैं, जिससे इनके संरक्षण में जन-भागीदारी बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।’
भाषा प्रचेता माधव
माधव

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