गुरुग्राम नगर निगम को बम से उड़ाने की धमकी मिली, बाद में गलत साबित हुई
गुरुग्राम नगर निगम को बम से उड़ाने की धमकी मिली, बाद में गलत साबित हुई
गुरुग्राम, चार जून (भाषा) गुरुग्राम नगर निगम मुख्यालय और सेक्टर 34 स्थित महापौर कार्यालय को बृहस्पतिवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली जिससे वहां के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाद में यह धमकी झूठी निकली पुलिस ने यह जानकारी दी।
हिंदू मंदिरों के अलावा नगर निगम परिसर में विस्फोट की धमकी देने वाला ईमेल गुरुग्राम के उपायुक्त और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के कार्यालयों को भी प्राप्त हुआ था।
एक अधिकारी ने बताया कि इस धमकी के चलते गहन तलाशी अभियान चलाया गया जो कई घंटों तक चला। उन्होंने बताया कि कुछ भी संदिग्ध न मिलने के बाद बम की धमकी को झूठी घोषित कर दिया गया।
ईमेल में लिखा था, ‘गुरुग्राम के महापौर और नगर निगम के कार्यालयों में दोपहर बाद 1:11 बजे से 3:11 बजे के बीच आईईडी विस्फोट होंगे।’ इसमें पांच-छह जून को चंडीगढ़, अंबाला और दिल्ली के बीच रेलवे की पटरी पर आईईडी विस्फोट करने की धमकी भी दी गई थी, नागरिकों को यात्रा न करने की चेतावनी दी गई थी और उन्हें ‘अपने बच्चों की सुरक्षा’ करने के लिए कहा गया था।
धमकी भरा यह ईमेल छह जून से दो दिन पहले आया है। छह जून 1984 को स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ चलाया गया था।
ईमेल में दावा किया गया है कि जरनैल सिंह भिंडरांवाले की मृत्यु पर दिल्ली और हरियाणा के लोगों ने मिठाई बांटी। जरनैल सिंह भिंडरांवाले एक खालिस्तान समर्थक आतंकवादी था जो छह जून 1984 को स्वर्ण मंदिर के अंदर सेना के जवानों के साथ हुई गोलीबारी में मारा गया था।
ईमेल में दिल्ली और हरियाणा के कई प्रमुख हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने की धमकी भी दी गई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि परिसर की तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उन्होंने कहा, ‘हम फर्जी ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच कर रहे हैं।’
भाषा
शुभम माधव
माधव

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