हिमाचल: अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद महिला की मौत, सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया

हिमाचल: अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद महिला की मौत, सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया

हिमाचल: अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद महिला की मौत, सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया
Modified Date: June 29, 2026 / 11:04 pm IST
Published Date: June 29, 2026 11:04 pm IST

शिमला, 29 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में ढालपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद एक महिला की मौत हो गई। सोमवार को सैकड़ों लोगों ने अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

परिवार से बातचीत के बाद, जिला प्रशासन ने कुल्लू के उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

मृत महिला के परिवार समेत प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल परिसर में घुसकर नारेबाज़ी की और स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल का पुतला फूंका। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें मुख्य अस्पताल की इमारत में घुसने से रोकने के लिए प्रवेश द्वार बंद रखा और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था।

अस्पताल में हुए विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और ढालपुर चौक को दो घंटे से ज्यादा समय तक जाम रखा।

उन्होंने डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में, परिवार की शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने एक जांच समिति का गठन किया।

संबंधित परिवार की सदस्य सपना शर्मा ने बताया कि 20 जून को मंडी जिले के बाली चौकी के पास सुनारू गांव की रहने वाली मंजू शर्मा (23) को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने सर्जरी तो की, लेकिन उसके बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ गई।

मृतका के रिश्तेदारों ने बताया कि मंजू ने अपनी बिगड़ती सेहत के बारे में कर्मचारियों को बताया था, लेकिन आरोप है कि एक स्टाफ नर्स ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया और कहा कि वह सिर्फ़ “नाटक” कर रही हैं या तकलीफ़ का बहाना बना रही हैं। 24 घंटे के अंदर ही मंजू की मौत हो गई।

परिवार ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग की, लेकिन उन्होंने बताया कि शुरू में कोई कदम नहीं उठाया गया।

सोमवार को प्रदर्शनकारियों की भीड़ अस्पताल परिसर में घुस गई और नारेबाज़ी की। जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हीरा लाल के दफ़्तर का घेराव किया; इसके बाद वह बाहर आए और उनसे बात की।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को घटनास्थल पर बुलाया जाए। ढालपुर अस्पताल में पुलिस बल को तैनात किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं थे।

स्वास्थ्य विभाग ने एक समिति का गठन किया है, जिसे मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

भाषा प्रशांत नेत्रपाल

नेत्रपाल


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