होटल में लगी आग से चिकित्सा पर्यटन के केंद्र के रूप में दिल्ली की छवि को नुकसान पहुंचा:विशेषज्ञ
होटल में लगी आग से चिकित्सा पर्यटन के केंद्र के रूप में दिल्ली की छवि को नुकसान पहुंचा:विशेषज्ञ
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) हर साल किफायती इलाज के लिए दिल्ली आने वाले हजारों विदेशी नागरिकों के लिए अस्पतालों के पास स्थित बजट होटल अक्सर प्रवास के लिए पहली पसंद होते हैं, लेकिन बुधवार को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ऐसे ही एक होटल में लगी भीषण आग ने इन सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के कई हितधारकों का कहना है कि आग में विदेशी नागरिकों की मौत ने दिल्ली के चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र को विशेष रूप से संवेदनशील बना दिया है, जो एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया से रोगियों को आकर्षित करता है।
एक निजी अस्पताल के उपमहाप्रबंधक (अंतरराष्ट्रीय विपणन) सनोज कुमार ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 78 देशों से लगभग 20 लाख मरीज़ इलाज कराने के लिए आते हैं, जिनमें दिल्ली एक प्रमुख केंद्र है।
उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय मरीजों में से 40 से 50 प्रतिशत किफायती और सुविधाजनक होने के कारण अस्पतालों के पास स्थित बजट होटल और गेस्ट हाउस का विकल्प चुनते हैं।’
एक पर्यटन कंपनी के संस्थापक मोहम्मद मतलूब ने कहा कि इस त्रासदी ने अंतरराष्ट्रीय मरीजों और उनके परिवारों के बीच चिंता पैदा कर दी है, और इस घटना की खबरें विदेशी मीडिया में भी छप रही हैं।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘इस घटना का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर गहरा असर पड़ा है। कल से ही, जैसे-जैसे यह खबर व्यापक रूप से फैली है, हमारे ग्राहक सवाल पूछ रहे हैं।’
मतलूब ने कहा कि दिल्ली के कई निजी अस्पतालों के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय मरीजों का महत्वपूर्ण योगदान होता है और विदेशी मरीजों से जुड़ी कोई भी घटना वैश्विक तौर पर ध्यान आकर्षित करती है।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका और पश्चिम एशियाई देशों के कई मरीज इलाज के लिए दिल्ली आते हैं और अक्सर अपने कुल खर्च को कम करने के लिए मैक्स, फोर्टिस, अपोलो और गुरुग्राम में आर्टेमिस जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले अस्पतालों के पास किफायती आवास चुनते हैं।
हौज़ रानी स्थित होटल ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ होटल में बुधवार को भीषण आग लगने से 12 विदेशियों समेत 21 लोगों की मौत हो गई। यह होटल कई अस्पताल के पास स्थित है।
कई विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि यह त्रासदी होटल भवनों की सुरक्षा से संबंधित थी और इसे दिल्ली के स्वास्थ्य सेवा मानकों का प्रतिबिंब नहीं माना जाना चाहिए।
एक अन्य निजी अस्पताल के डॉक्टर अमर सिंघल ने कहा कि होटल में बुकिंग करने से पहले, मरीजों के परिजनों को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, आपातकालीन निकास, भवन निर्माण की मंजूरी और होटल की उचित जांच-पड़ताल जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
भाषा नोमान
नोमान पवनेश
पवनेश

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