हैदराबाद विवि भूमि विवाद: छात्रों ने अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन, कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया

हैदराबाद विवि भूमि विवाद: छात्रों ने अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन, कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया

हैदराबाद विवि भूमि विवाद: छात्रों ने अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन, कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया
Modified Date: April 1, 2025 / 02:05 pm IST
Published Date: April 1, 2025 1:15 pm IST

हैदराबाद, एक अप्रैल (भाषा) हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (यूओएचएसयू) ने परिसर से पुलिसकर्मियों और जेसीबी मशीनों को हटाने की मांग करते हुए मंगलवार से अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन और कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया।

‘यूओएचएसयू’ के उपाध्यक्ष आकाश ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों से परिसर में विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने और कक्षाओं के बहिष्कार करने का आग्रह किया गया है।

यूओएचएसयू और अन्य छात्र संघों ने एक संयुक्त बयान में विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने शिक्षण संस्थान से सटे कांचा गचीबोवली में 400 एकड़ जमीन पर राज्य सरकार के लिए काम करने की सुविधा देकर छात्रों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ किया। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर ‘‘पुलिस की निर्मम कार्रवाई’’ की भी निंदा की।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने लिखित आश्वासन मांगा कि भूमि को औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय के तहत पंजीकृत किया जाए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा इस मुद्दे पर आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक के बिंदुओं को सार्वजनिक करने और भूमि से संबंधित दस्तावेजों में अधिक पारदर्शिता की मांग की।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता ए. महेश्वर रेड्डी और नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को उस स्थल का दौरा करेगा।

यहां विधायकों के आवासों के पास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

महेश्वर रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने उन्हें उनके आवास से बाहर नहीं निकलने दिया।

साथ ही, पुलिस ने उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है।

रेड्डी के अनुसार, भाजपा के अन्य विधायकों और नेताओं को भी पुलिस ने उनके आवासों से बाहर आने से रोक दिया।

तेलंगाना सरकार ने सोमवार को कहा कि वो 400 एकड़ जमीन उसकी है, जिसे लेकर हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) के कुछ छात्र समूह प्रदर्शन कर रहे हैं और इन छात्रों को कुछ नेता और रियल एस्टेट समूह गुमराह कर रहे हैं। इस बयान के बाद छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गया।

हालांकि, यूओएच रजिस्ट्रार ने एक बयान जारी कर कहा कि विवादित भूमि के सीमांकन को अंतिम रूप दे दिया गया है जो सरकार के दावे का खंडन करता है।

भाषा खारी संतोष

संतोष


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।