राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से ‘बहुत दुखी’ हूं, दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए : होसबाले

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से ‘बहुत दुखी’ हूं, दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए : होसबाले

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से ‘बहुत दुखी’ हूं, दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए : होसबाले
Modified Date: July 3, 2026 / 07:07 pm IST
Published Date: July 3, 2026 7:07 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना ने राम भक्तों और पूरे समाज की आस्था को ‘गहरी ठेस’ पहुंचाई है और विशेष जांच दल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को कठोर सजा मिले।

होसबाले ने ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा, ‘‘इस घटना से हम सभी बहुत दुखी और आक्रोशित हैं।’’

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर संगठन की ओर से यह पहली प्रतिक्रिया है। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे भी हुए हैं।

होसबाले ने दावा किया कि ‘‘हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें’’ इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से भी अपील की कि वह ‘‘इस कठिन समय’’ में धैर्य और संयम बनाए रखे, ताकि इस तरह की सभी ‘‘साजिशों’’ को विफल किया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या स्थित श्रीराम लला मंदिर में रखे दानपात्रों से चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समाज और रामभक्तों की भावनाओं तथा आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है।’’

होसबाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत पूरे हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि वह इस ‘‘अत्यंत निंदनीय’’ घटना को असाधारण मामला मानते हुए मंदिर के प्रबंधन और संचालन में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि यह इसलिए ‘‘बहुत महत्वपूर्ण’’ है, ताकि अयोध्या के राम मंदिर के प्रति करोड़ों रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा अटूट तथा अडिग बनी रहे।

उन्होंने कहा कि कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के ‘‘आग्रहपूर्वक निवेदन’’ पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा ‘‘भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति’’ समाप्त होनी चाहिए।

होसबाले ने कहा, ‘‘इस संबंध में हमें अपेक्षा है कि मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल सभी आवश्यक कदम उठायेगा।’’

उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष तथा करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और ‘‘बलिदान’’ के कारण पूरे हिंदू समाज की श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन के लिए पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और शुचिता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाए रखेगा।’’

सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पिछले पांच वर्षों के खातों का फिर से ऑडिट करेगा, क्योंकि प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का संकेत मिला है।

सूत्रों ने बताया कि पुन: ऑडिट में निर्माण-संबंधी व्यय के साथ-साथ दान के रूप में प्राप्त आभूषण और सोने तथा चांदी की अन्य वस्तुओं को भी शामिल किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए कथित चोरी के सबूतों के बाद एसआईटी पूरे पांच साल के ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी।

एक और घटनाक्रम में, अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ की।

एसआईटी ने चंपत राय, मिश्रा और मंदिर के निर्माण और प्रबंधन से जुड़े गोपाल राव से पूछताछ की है।

राय और मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है और न्यास द्वारा छह जुलाई को होने वाली बैठक में उनके फैसलों पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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