यदि ‘पैंगोंग झील में जीप ले जाने’ जैसा रवैया जारी रहा, तो स्थानीय समुदाय पर्यटकों का स्वागत नहीं करेगा: पर्यटन सचिव |

यदि ‘पैंगोंग झील में जीप ले जाने’ जैसा रवैया जारी रहा, तो स्थानीय समुदाय पर्यटकों का स्वागत नहीं करेगा: पर्यटन सचिव

यदि ‘पैंगोंग झील में जीप ले जाने’ जैसा रवैया जारी रहा, तो स्थानीय समुदाय पर्यटकों का स्वागत नहीं करेगा: पर्यटन सचिव

: , September 23, 2022 / 09:13 PM IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) यात्रियों के एक समूह द्वारा लद्दाख स्थित पवित्र पैंगोंग झील के भीतर जीप ले जाने के स्तब्ध कर देने वाले वाकये का जिक्र करते हुए केंद्रीय पर्यटन सचिव अरविंद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि यदि यही रवैया जारी रहा, तो स्थानीय समुदाय भविष्य में पर्यटकों का स्वागत नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि जब तक पर्यटकों की ओर से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील व्यवहार का अनुसरण नहीं किया जाएगा तो स्थानीय समुदाय ‘भविष्य में पर्यटकों का स्वागत नहीं’ करेगा

‘पॉलिसी रेसिपी बुक फॉर इंडिया@100’ विषय पर यहां पैनल चर्चा के दौरान सिंह ने कहा कि नयी राष्ट्रीय पर्यटन नीति की प्राथमिकताओं में एक ‘हरित और टिकाऊ पर्यटन’ भी है। उन्होंने बताया कि नीति को तैयार किया जा रहा है और यह अंतिम चरण में है।

कुछ महीने पहले बिना तिथि वाला एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ था, जिसमें दिखाया गया था कि पर्यटकों का एक समूह लेह स्थित संवेदनशील झील में अपना वाहन चला रहा है। इस वीडियो पर इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। कई लोगों ने इन पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

अपने स्वच्छ जल के लिए जानी जाने वाली इस झील को बॉलीवुड फिल्म ‘3 इडियट’ ने लोकप्रिय बनाने का काम किया। फिल्म का एक हिस्सा इस खूबसूरत झील पर फिल्माया गया है।

केंद्रीय पर्यटन सचिव ने ‘रीवेंज पर्यटन’ का जिक्र करते बताया कि कैसे इससे मांग बढ़ी है। कैसे पर्यटक बड़ी संख्या में पिछली गर्मी के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंचे, जब मैदानों में पारा काफी अधिक चढ़ गया था।

‘रीवेंज पर्यटन’ शब्दांश का इस्तेमाल उस स्थिति को दर्शाने के लिए करते हैं जब कोविड-19 महामारी या लॉकडाउन जैसी स्थिति के मद्देनजर लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से मुक्ति पाने के लिए यात्रा करते हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन पब्लिक अफेयर फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) द्वारा किया गया था, जिसमें पर्यटन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘हाल के समय तक कश्मीर में माहौल बहुत अनुकूल नहीं था, लेकिन कुछ हफ्ते पहले मैं वहां था और निजी क्षेत्र के लोगों से बातचीत की तो वे लोग बहुत सकारात्मक थे।’’ उन्होंने कहा कि एक अग्रणी होटल शृंखला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 500 कमरे का होटल बनाने जा रही है।

केंद्रीय पर्यटन सचिव ने कहा कि सचिवों का समूह अगले 25 साल के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रेजेंटेशन तैयार करने पर काम कर रहा है। इसके पहले राष्ट्रीय पर्यटन नीति वर्ष 2002 में तैयार की गई थी।

पर्यटन मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि भारत के पर्यटन क्षेत्र को पुनरुद्धार के लिए राष्ट्रीय पर्यटन नीति समग्र दृष्टिकोण और रणनीति के साथ तैयार की गई है, ताकि पर्यटन क्षेत्र द्वारा वर्ष 2047 तक 1000 अरब अमेरिकी डॉलर के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

सिंह ने कहा कि वह चाहते हैं कि वर्ष 2047 तक विदेशी पर्यटकों की संख्या वर्तमान संख्या दो करोड़ (वर्ष 2019 में कोविड-19 पूर्व अवधि) के मुकाबले बढ़कर 10 करोड़ पर पहुंच जाए।

भाषा संतोष नरेश

नरेश

 

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