(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध निर्माणों और भवन उपनियमों के उल्लंघन के खिलाफ जारी अपनी कार्रवाई के तहत मंगलवार को 16 संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया और 29 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि निगम ने दिनभर की गई कार्रवाई के दौरान 21 अवैध निर्माणों को’कारण बताओ नोटिस, 57 सीलिंग से जुड़े कारण बताओ नोटिस और 22 संपत्तियों को ढहाने के आदेश भी जारी किए।
यह अभियान शहर में हुई कई त्रासदियों के मद्देनजर शुरू किया गया है। इन त्रासदियों के मुख्य कारण नागरिक बुनियादी ढांचे में खामियां, अग्नि सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन और भ्रष्टाचार हैं।
इनमें सबसे भीषण घटना तीन जून को हुई, जब हौज रानी में पांच मंजिला एक होटल में आग लग गई। आग लगने की इस घटना में 16 वर्षीय एक लड़की तथा नाइजीरिया, किर्गिस्तान, बांग्लादेश, इराक, कांगो, मोजाम्बिक और लाइबेरिया के विदेशी नागरिकों समेत 22 लोगों की मौत हो गयी।
अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी ने एक जून एवं नौ जून के बीच 139 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और 199 अन्य संपत्तियों को सील कर दिया।
इसी दौरान, उसने अनधिकृत निर्माण के लिए 132 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग से जुड़े 121 कारण बताओ नोटिस और 64 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने तथा भवन निर्माण नियमों एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस बीच, दक्षिण दिल्ली में अग्नि सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए किए गए निरीक्षण के दौरान, दक्षिण एमसीडी आयुक्त राकेश कुमार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों, विशेष रूप से भूतल पर स्थित भोजनालयों और आग के खतरे की आशंका वाले अन्य परिसरों की पहचान करना है।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को 48 घंटे का नोटिस दिया जाएगा और नगर निकाय आगे की कार्रवाई शुरू करने से पहले हितधारकों के साथ बैठकें करेगा, ताकि इस कवायद का उद्देश्य समझाया जा सके और अनुपालन को प्रोत्साहित किया जा सके।
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप