भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘लाइकेन पतंगों’ की दो नयी प्रजातियों की खोज की: पर्यावरण मंत्री

भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘लाइकेन पतंगों’ की दो नयी प्रजातियों की खोज की: पर्यावरण मंत्री

भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘लाइकेन पतंगों’ की दो नयी प्रजातियों की खोज की: पर्यावरण मंत्री
Modified Date: March 14, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: March 14, 2026 7:42 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) के वैज्ञानिकों ने पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण कीट माने जाने वाले ‘लाइकेन पतंगों’ की दो नयी प्रजातियों की खोज की है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कौलोसेरा होलोवेई और असुरा बुक्सा की खोज भारत में पतंगों की जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में एक महत्वपूर्ण योगदान है।’’

उन्होंने कहा कि यह सफलता हिमालय जैसे जैव विविधता के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निरंतर वर्गीकरण संबंधी प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘ज़ूटैक्सा’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारत से ‘लाइकेन’ की सात नयी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

इस संबंध में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण की निदेशक धृति बनर्जी ने कहा, ‘‘लेपिडोप्टेरा जैसे विकासवादी रूप से महत्वपूर्ण और कम ज्ञात समूहों पर अनुसंधान, भारतीय हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र के कामकाज और वायु प्रदूषण संकेतक प्रजातियों को समझने के लिए आवश्यक है।’’

टीम ने सिक्किम के गोलितार और पश्चिम बंगाल के पनिझोरा के पास से एकत्र किए गए नमूनों से क्रमशः कौलोसेरा होलोवेई, एस सिंह, एन सिंह और भट्टाचार्य, 2026 और असुरा बुक्सा भट्टाचार्य, एस सिंह और एन सिंह, 2026 की पहचान की है।

बनर्जी ने कहा, ‘‘ये पतंगे वायु प्रदूषण संकेतक प्रजाति के हैं।’’

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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