राजस्थान: जयपुर नगर निगम का कनिष्ठ अभियंता 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

राजस्थान: जयपुर नगर निगम का कनिष्ठ अभियंता 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

राजस्थान: जयपुर नगर निगम का कनिष्ठ अभियंता 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
Modified Date: June 29, 2026 / 09:05 pm IST
Published Date: June 29, 2026 9:05 pm IST

जयपुर, 29 जून (भाषा) राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जयपुर नगर निगम के एक कनिष्ठ अभियंता को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय कुमार बैरवा के रूप में हुई है, जो नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत है। ब्यूरो ने बताया कि संजय कुमार बैरवा ने शिकायतकर्ता से निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने और मकान को सील नहीं करने के बदले तत्कालीन उपायुक्त सुनील बैरवा के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने पुराने जर्जर मकान को ध्वस्त कर नया मकान बनाने की अनुमति के लिए आवेदन किया था और करीब चार माह की देरी के बाद उसे बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल के निर्माण की अनुमति मिल गई थी।

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद आरोपी अधिकारी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल के साथ मिलकर निर्माण कार्य रुकवाने और संपत्ति को दोबारा सील करने की धमकी दी।

गुप्ता ने बताया कि आरोपी निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के जारी रखने और संपत्ति को पुनः सील नहीं करने के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

उन्होंने बताया कि एसीबी ने शिकायत मिलने पर गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई और प्रारंभिक लेनदेन के तहत सह-आरोपी दीनदयाल ने 20 हजार रुपये रिश्वत के रूप में कथित तौर पर स्वीकार किए थे।

इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक रामेश्वर सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत कौशिक और निरीक्षक अर्चना मीणा के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने जाल बिछाया।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी संजय कुमार बैरवा ने शिकायतकर्ता से 80 हजार रुपये लिए और उन्हें अपनी कार के डैशबोर्ड में रखने के लिए कहा।

एसीबी टीम ने कार से रिश्वत की राशि बरामद कर ली।

उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


लेखक के बारे में