जम्मू-कश्मीर: एम्बुलेंस न मिलने पर गर्भवती महिला को पैदल जाना पड़ा अस्पताल, जांच के आदेश

जम्मू-कश्मीर: एम्बुलेंस न मिलने पर गर्भवती महिला को पैदल जाना पड़ा अस्पताल, जांच के आदेश

जम्मू-कश्मीर: एम्बुलेंस न मिलने पर गर्भवती महिला को पैदल जाना पड़ा अस्पताल, जांच के आदेश
Modified Date: June 9, 2026 / 09:51 pm IST
Published Date: June 9, 2026 9:51 pm IST

बनिहाल/जम्मू, नौ जून (भाषा) जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एम्बुलेंस उपलब्ध न होने के कारण एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए कथित तौर पर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, रामबन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. कमल जी जाडू ने इन आरोपों के बाद जांच के आदेश दिए हैं कि एक एम्बुलेंस चालक ने 23 वर्षीय नईमा बानो को लाने के लिए सुदूर तांगड़ गांव जाने से इनकार कर दिया था।

बताया जा रहा है कि बानो को गर्भावस्था से जुड़ी कुछ जटिलताएं थीं और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, परिजनों ने ‘108 एम्बुलेंस सेवा’ से संपर्क किया था, जिसके बाद एम्बुलेंस रामबन-गूल महामार्ग पर धर्मकुंड जीरो पॉइंट तक पहुंच भी गई थी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मरीज की नाजुक हालत के बारे में बताए जाने और बार-बार मिन्नतें करने के बावजूद एम्बुलेंस कर्मियों ने आगे तांगड़ गांव जाने से साफ इनकार कर दिया।

परिजनों का कहना है कि उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था, जिसके चलते महिला और उसके साथ आए लोगों को बेहद कठिन रास्ते पर पैदल चलना पड़ा। बाद में एक निजी वाहन से लिफ्ट लेकर वे किसी तरह एम्बुलेंस तक पहुंचे।

इसके बाद मरीज को इलाज के लिए रामबन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सद्दाम बाली ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दोषी एम्बुलेंस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई।

शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए सीएमओ जाडू ने बटोट के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को आधिकारिक पत्र जारी कर इन आरोपों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।

बीएमओ से मामले की पूरी तफ्तीश कर दो दिनों के भीतर सीएमओ कार्यालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है ताकि जरूरी कार्रवाई की जा सके।

संपर्क करने पर सीएमओ जाडू ने बताया कि ‘108 एम्बुलेंस सेवा’ का संचालन एक अनुबंध के तहत किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग लगातार यह सुनिश्चित करता है कि एम्बुलेंस सड़क संपर्क वाले सभी गांवों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा, ‘हम हर संभव कोशिश करते हैं कि जिन सुदूर गांवों तक सड़कें बनी हुई हैं, वहां एम्बुलेंस जरूर पहुंचे।’

सीएमओ ने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के मुताबिक उचित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सुमित माधव

माधव


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