जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ यात्रा मार्ग के 18 प्रमुख स्थानों पर राहत एवं बचाव अभ्यास किया गया
जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ यात्रा मार्ग के 18 प्रमुख स्थानों पर राहत एवं बचाव अभ्यास किया गया
श्रीनगर/जम्मू, 28 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को अमरनाथ गुफा मंदिर तक जाने वाले दोनों मार्गों पर व्यापक ऊंचाई वाले 18 महत्वपूर्ण स्थानों पर अभियानगत अभ्यास किए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि इन अभ्यासों का उद्देश्य पर्वतीय बचाव दलों (एमआरटी) की तैयारियों का आकलन करना था।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर अभ्यास किया गया, उनमें बर्फ से ढके कई इलाके भी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मियों से गठित 45 विशेष पर्वतीय बचाव दलों को अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग पर तैनात किया गया।
दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर की 57 दिनों की वार्षिक यात्रा तीन जुलाई से इन दोनों मार्गों पर शुरू होने वाली है।
यात्रा मार्गों पर तैनात 18 बचाव टीमों की निगरानी कर रहे राम सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में समय पर आवश्यक प्रतिक्रिया के लिए पर्वतीय बचाव दलों (एमआरटी) की तैयारियों का आकलन करने के वास्ते सभी रणनीतिक स्थानों पर एक साथ बचाव अभ्यास किए गए।
उन्होंने बताया कि इनमें से कई स्थान अब भी बर्फ से ढके हुए हैं।
सिंह ने बताया कि चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, जोजीबल, नागाकोटी, वावबल, एमजी टॉप, पोशपथरी, केलनार, दर्दकोट, संगम टॉप, पवित्र गुफा, निचली पवित्र गुफा, वाई-जंक्शन, ब्रारीमार्ग, रेलपथरी, दोमेल, पंजतरणी और शेषनाग में तैनात पर्वतीय बचाव टीमों ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सभी बचाव दलों को उच्च स्तर की अभियान तत्परता में बनाए रखना और यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली प्राकृतिक आपदाओं, चिकित्सकीय आपात स्थितियों, भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ तथा अन्य अप्रत्याशित घटनाओं जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने की उनकी क्षमता का आकलन करना था।
सिंह ने बताया कि यह अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसमें शामिल सभी टीमों ने संतोषजनक ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभाई, जिससे यात्रा के सुचारू व सुरक्षित संचालन के लिए उनकी तैयारियों की पुष्टि हुई।
इससे पहले एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अभ्यास से तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के जम्मू-कश्मीर पुलिस के संकल्प को और मजबूती मिली है।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से दक्षिण कश्मीर हिमालय क्षेत्र की यात्रा के दौरान सेवा प्रदाताओं की पृष्ठभूमि की जांच के लिए ‘पहचान’ ऐप का उपयोग करने की अपील की।
प्रवक्ता ने बताया, “इससे यह सुनिश्चित होगा कि श्रद्धालु केवल सत्यापित और पंजीकृत सेवा प्रदाताओं के संपर्क में आएं। इससे धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और अधिक शुल्क वसूलने जैसे मामलों को रोकने में भी मदद मिलेगी।”
भाषा जितेंद्र सुरेश
सुरेश

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