जम्मू कश्मीर : सालाना मचैल माता यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर जोर

जम्मू कश्मीर : सालाना मचैल माता यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर जोर

जम्मू कश्मीर : सालाना मचैल माता यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर जोर
Modified Date: May 19, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: May 19, 2026 12:43 pm IST

श्रीनगर, 19 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को किश्तवाड़ जिले में आयोजित होने वाली वार्षिक मचैल माता यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।

यह यात्रा इस वर्ष अगस्त में शुरू होने वाली है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य सचिव ने यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने बताया कि डुल्लू ने पिछले वर्ष यात्रा मार्ग पर बादल फटने की घटना के बाद जारी निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 14 अगस्त को मचैल माता मंदिर का प्रवेश द्वार माने जाने वाले चिशोटी गांव में बादल फटने की घटना में श्रद्धालुओं समेत 63 लोगों की मौत हो गई थी, कई अन्य घायल हुए थे और करीब 30 लोग लापता हो गए थे।

मृतकों में अधिकतर श्रद्धालु थे।

बैठक में डुल्लू को ऑनलाइन एवं आरएफआईडी आधारित पंजीकरण प्रणाली शुरू करने, आपदा न्यूनीकरण उपायों, वास्तविक समय में मौसम संबंधी चेतावनी के लिए स्वचालित रेन गेज (एआरजी) और स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यूएस) स्थापित करने तथा यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने जैसे उपायों की जानकारी दी गई।

जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने बैठक में बताया कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए किश्तवाड़ मुख्यालय, गुलाबगढ़, चिशोटी और मचैल सहित विभिन्न स्थानों पर ठहरने की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकारी आवास, निजी लॉज सुविधाएं, होमस्टे और टेंट आवास की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मचैल में विशेष टेंट सिटी भी स्थापित की जा रही है।

यात्रियों की भीड़, उसके प्रबंधन और उनकी वास्तविक समय में निगरानी के लिए शत-प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण और आरएफआईडी आधारित ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही की दैनिक निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त कर्मियों की तैनाती तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने संबंधी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन यात्रा मार्ग के संवेदनशील हिस्सों में भूस्खलन रोकथाम उपायों और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने का कार्य भी कर रहा है।

किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि वाहनों की सुचारू आवाजाही और जरूरत पड़ने पर सड़क संपर्क शीघ्र बहाल करने के लिए व्यापक यातायात एवं परिवहन प्रबंधन योजना तैयार की गई है।

मुख्य सचिव ने यात्रा के लिए चिकित्सा तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि यात्रा मार्ग पर प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस सेवाएं, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और प्राथमिक उपचार सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।

इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों और आवश्यक दवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है।

सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे आवश्यक सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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