जींद में अनुसूचित जाति वर्ग के बहिष्कार पर 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

जींद में अनुसूचित जाति वर्ग के बहिष्कार पर 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

Edited By: , October 14, 2021 / 06:09 PM IST

जींद (हरियाणा), 14 अक्टूबर (भाषा) उचाना उपमंडल के छातर गांव में अनुसूचित जाति के लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने के मामले में पुलिस ने गांव के ही 23 लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में सौहार्द बनाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत के आधार पर 23 लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें पूर्व सरपंच राममेहर, प्रवीण बंसल, राकेश बंसल, अनिल, प्रेम, लीलू, बलवान, साहिल, सोनू ,राज सिंह, कीर्तन, प्रदीप, नफिया, निशू, कालू पंडित, राजेश, कुलदीप, राम सिंह ठेकेदार, सुभाष, सीता, ईश्वर, कर्मपाल और ईश्वर शामिल हैं।

मामला छातर गांव में एक दलित युवक की पिटाई करने वाले सवर्ण जाति के युवक की शिकायत पुलिस से करने पर अनुसूचित जाति वर्ग का बहिष्कार करने से जुड़ा है। आरोप है कि दंबगों ने पंचायत कर बिना शर्त शिकायत वापस लिए जाने तक बहिष्कार जारी रखने का फैसला किया है।

शिकायत के अनुसार, दलित परिवारों को न तो खेतों में जाने दिया जा रहा है, न ही गांव के किसी अन्य मोहल्ले में उन्हें जाने की अनुमति है और न ही दुकानदार उन्हें सामान दे रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं खापड़ गांव निवासी दिनेश ने मुख्यमंत्री से मामले की लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

मांगु बागड मोहल्ले के 70 वर्षीय बुजुर्ग लहरी सिंह का कहना है कि 10 सितंबर को गुरमीत नामक व्यक्ति खेल मेले में कबड्डी मैच देखने गया था जहां उसके साथ गांव के राजेश और उसके कई साथियों ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि गुरमीत ने मारपीट की शिकायत पुलिस से की जिसके बाद आरोपी युवकों के परिजन गांव के कुछ लोगों के साथ मोहल्ले में आए और धमकी दी तथा गुरमीत से मामला वापस लेने को कहा।

लहरी सिंह ने बताया कि लगातार दबाव बनाए जाने से तंग आकर गुरमीत ने शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद 26 सितंबर को गांव की सामूहिक पंचायत हुई और इसमें गुरमीत के पूरे मोहल्ले मांगु बागड़ का बहिष्कार करने का ऐलान किया गया।

भाषा सं

अर्पणा नेत्रपाल

नेत्रपाल