कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अपहरण मामले में भवानी रेवन्ना को अग्रिम जमानत दी

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अपहरण मामले में भवानी रेवन्ना को अग्रिम जमानत दी

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अपहरण मामले में भवानी रेवन्ना को अग्रिम जमानत दी
Modified Date: June 18, 2024 / 02:04 pm IST
Published Date: June 18, 2024 2:04 pm IST

बेंगलुरू, 18 जून (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जनता दल (सेक्यूलर) के पूर्व सांसद और बलात्कार के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना की मां भवानी रेवन्ना को अपने बेटे द्वारा कथित यौन उत्पीड़न की शिकार एक महिला के अपहरण के मामले में मंगलवार को अग्रिम जमानत दे दी।

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि भवानी ने जांच के दौरान पहले ही 85 सवालों के जवाब दे दिए हैं, जिससे यह दावा करना अनुचित है कि वह प्रज्वल के खिलाफ यौन शोषण के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के साथ सहयोग नहीं कर रही हैं।

एसआईटी ने मैसुरू जिले के के.आर. नगर में एक घरेलू सहायिका के अपहरण के सिलसिले में पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होने के बाद भवानी की हिरासत का अनुरोध किया था।

भवानी की अग्रिम जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति के.एस. दीक्षित ने कहा कि इस मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ से बचा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की अनावश्यक गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए क्योंकि वे परिवारों में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

न्यायाधीश ने यह भी रेखांकित किया कि असहयोग के आरोप अविश्वसनीय थे क्योंकि भवानी ने पूछताछ के दौरान पहले ही विस्तृत जवाब दे दिए थे। न्यायालय ने एसआईटी की इस दलील को खारिज कर दिया कि उन्होंने भ्रामक जवाब दिए थे।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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