केरल के मुख्यमंत्री ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, सिल्वर लाइन परियोजना के लिये मंजूरी मांगी

केरल के मुख्यमंत्री ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, सिल्वर लाइन परियोजना के लिये मंजूरी मांगी

Edited By: , December 8, 2021 / 04:09 PM IST

तिरुवनंतपुरम, आठ दिसंबर (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सिल्वर लाइन सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना को मंजूरी देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि तिरुवनंतपुरम से कासरगोड के बीच बनने वाली इस रेलवे लाइन से न केवल केरल बल्कि राष्ट्र को भी फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने छह दिसंबर, 2021 को लिखे पत्र में कहा है कि केरल सरकार 13,700 करोड़ रुपये की पूरी भूमि अधिग्रहण लागत को वहन करने पर सहमति पहले ही जता चुकी है।

विजयन ने यह भी कहा कि राज्य सरकार केरल रेल विकास निगम लिमिटेड (के-रेल) द्वारा परियोजना के लिए किए गए बाहरी ऋण प्रबंध को लेकर किसी भी चूक से उत्पन्न होने वाली देयता को पूरा करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त कर चुकी है।

पत्र में कहा गया है कि इस परियोजना पर जुलाई में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की गई थी, जिन्होंने भारतीय रेलवे की वर्तमान वित्तीय स्थिति के कारण इसे मंजूरी देने पर चिंता व्यक्त की थी।

उन्होंने पत्र में कहा, ‘मैं आपसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं कि कृपया इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दें, जो केरल की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों में योगदान से न केवल केरल राज्य बल्कि देश को भी फायदा होगा।”

सिल्वर लाइन परियोजना से तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक यात्रा का समय लगभग चार घंटे तक कम होने की उम्मीद है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन यूडीएफ इसका विरोध कर रहा है। उसका आरोप है कि यह ‘अवैज्ञानिक और अव्यवहारिक’ परियोजना है, जिससे राज्य पर भारी वित्तीय लागत का बोझ पडे़गा।

तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक 532 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का निर्माण ‘के-रेल’ द्वारा किया जाएगा। के-रेल इस दक्षिणी राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिये केरल सरकार और रेल मंत्रालय का संयुक्त उद्गम है।

कासरगोड पहुंचने से पहले सिल्वर लाइन ट्रेनों का कोल्लम, चेंगन्नूर, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, तिरूर, कोझीकोड और कन्नूर में ठहराव होगा।

भाषा जोहेब प्रशांत

प्रशांत