केरल सरकार ने वायनाड में शिगेला के मामलों के बाद स्वच्छता अभियान तेज किया
केरल सरकार ने वायनाड में शिगेला के मामलों के बाद स्वच्छता अभियान तेज किया
कोझिकोड/वायनाड, नौ जून (भाषा) केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को स्थानीय निकायों से वायनाड जिले में शिगेला संक्रमण की खबरों के मद्देनजर स्वच्छता उपायों को मजबूत करने की अपील की।
मंत्री ने कोझिकोड में एक कार्यक्रम में इस स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि गंदगी तथा दूषित भोजन या पानी से बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने सड़क किनारे के ढाबों और खाने-पीने की दुकानों सहित सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता के सख्त मानकों की आवश्यकता पर जोर दिया।
शिगेला नामक बैक्टीरिया से होने वाले इस संक्रमण में दस्त, उल्टी, बुखार और पेट दर्द की शिकायत होती है। यह संक्रमण अन्य लोगों से, दूषित भोजन से या झीलों और नदियों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों से फैल सकता है।
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि स्वच्छता उपायों व मानकों का पालन नहीं करने वाले सड़क किनारे के ढाबों (थट्टुकडा) को बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “चर्चित हस्तियों समेत बहुत से लोग सड़क किनारे ढाबों पर खाते हैं। लेकिन स्वच्छता हर समय बनाए रखना आवश्यक है। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ भोजन तैयार करना अनिवार्य है।”
मंत्री ने कहा कि दूषित भोजन और पानी से होने वाली बीमारियां कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। उन्होंने पंचायतों और नगर निगमों से नियमित सफाई अभियान चलाने एवं अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
सुल्तान बाथरी के एक स्कूल के दो विद्यार्थियों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि होने के बाद वायनाड के स्वास्थ्य प्रशासन ने रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं।
इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है तथा उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक निगरानी, स्वच्छता अभियान और जन स्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेप शुरू किए हैं।
जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) के.टी. रेखा ने बताया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों समेत 158 लोगों में संक्रमण के हल्के लक्षण पाए गए हैं।
इनमें से 68 मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें से 26 सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में और 42 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।
भाषा राजकुमार प्रशांत
प्रशांत

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