अलाप्पुझा, नौ जून (भाषा) केरल के अलाप्पुझा में एक अदालत ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पांच पूर्व सुरक्षाकर्मियों को मंगलवार को अग्रिम जमानत दे दी।
यह मामला 2023 में नव केरल सदस कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से जुड़ा है।
अदालत के इस निर्णय को राज्य में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार के लिए झटका माना जा रहा है, जिसने मामले की पुनः जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।
अलाप्पुझा जिला एवं सत्र न्यायाधीश हनी एम वर्गीज ने अनिल कुमार एस, संदीप एस, शैजू वी के, अरुण आर और विपिन वी वी को राहत देते हुए कहा कि हत्या के प्रयास का आरोप प्रथम दृष्टया ठोस प्रतीत नहीं होता है।
यह मामला दिसंबर 2023 का है, जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) की तत्कालीन सरकार के ‘नव केरल सदस’ जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके मंत्रियों के काफिले के खिलाफ काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के बस की ओर दौड़ने पर मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें डंडों से पीटा, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। इनमें अलाप्पुझा के मौजूदा विधायक ए डी थॉमस भी शामिल हैं।
बाद में कांग्रेस नीत यूडीएफ के सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कैबिनेट की पहली बैठक के बाद मामले की पुनः जांच के लिए एसआईटी के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का गंभीर आरोप जोड़ा था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस फोटोग्राफर और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो सहित कथित घटना से जुड़े फुटेज भी देखे।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपियों पर हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा गया है, जबकि बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वे उस समय अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन कर रहे थे।
लंबी बहस के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया।
इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि सरकार इसे किसी प्रकार की हार नहीं मानती। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो सरकार उच्च न्यायालय में अपील करेगी।
भाषा रवि कांत दिलीप
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