राज्यसभा के आठ नवनिर्वावित सदस्यों ने ली शपथ, खरगे फिर बने नेता प्रतिपक्ष

राज्यसभा के आठ नवनिर्वावित सदस्यों ने ली शपथ, खरगे फिर बने नेता प्रतिपक्ष

राज्यसभा के आठ नवनिर्वावित सदस्यों ने ली शपथ, खरगे फिर बने नेता प्रतिपक्ष
Modified Date: June 29, 2026 / 05:17 pm IST
Published Date: June 29, 2026 5:17 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत आठ नवनिर्वाचित सदस्यों ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।

इसी के साथ, खरगे को फिर से नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी गई।

राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नए सदस्यों को शपथ दिलाई।

खरगे ने राधाकृष्णन के कक्ष में अलग से शपथ ली, जबकि अन्य सात सदस्यों ने राज्यसभा कक्ष में शपथ ग्रहण की।

खरगे और भाजपा नेता तरुण चुघ के अलावा शपथ लेने वाले नए सदस्यों में गुजरात से जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया और मानसिंह मेरामन परमार, कर्नाटक से एम. नागराजा, महाराष्ट्र से राजेंद्र हीरालाल जैन, मणिपुर से अधिकारीमयुम शारदा देवी तथा राजस्थान से अलका सिंह शामिल हैं।

शपथ ग्रहण के दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, सदन के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद थे। वे सभापति के कक्ष और सदन, दोनों स्थानों पर मौजूद रहे।

खरगे ने हाथ में संविधान की प्रति लेकर हिंदी में शपथ ली।

उनके शपथ लेने के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद थीं।

राधाकृष्णन ने नए सदस्यों को बधाई दी और उच्च सदन में उनका स्वागत किया।

खरगे हाल में कर्नाटक से संसद के उच्च सदन के लिए लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं। शपथ लेने के बाद खरगे ने कहा कि पुनः राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेना और उच्च सदन में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना उनके लिए गर्व और बड़ी जिम्मेदारी का विषय है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वह जनता की चिंताओं, आकांक्षाओं और आवाज़ को पूरी ईमानदारी, दृढ़ विश्वास और संकल्प के साथ उठाते रहेंगे।

उन्होंने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन और उपसभापति हरिवंश के प्रति उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस के सांसदों, पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके विश्वास और प्रोत्साहन ने सार्वजनिक जीवन और संसदीय सेवा की उनकी लंबी यात्रा में हमेशा उनका साथ दिया है।

खरगे ने सभी राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं, विशेषकर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद है, ताकि सरकार को अधिक जवाबदेह बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘जनता के ज्वलंत मुद्दों को उठाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है और मैं इस दायित्व का पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करता रहूंगा।’’

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे (83) इससे पहले लोकसभा और कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं।

खरगे ने 1972 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीता और बाद में लगातार नौ बार विधायक चुने गए। वह कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे और 1999 से 2004 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।

खरगे 2009 और 2014 में कर्नाटक के गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

वह वर्ष 2014 से 2019 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे। अक्टूबर, 2022 में वह कांग्रेस अध्यक्ष निर्वाचित हुए और पार्टी के 98वें अध्यक्ष बने।

खरगे वर्ष 2020 में पहली बार राज्यसभा सदस्य बने और फिलहाल सदन में विपक्ष के नेता भी हैं।

भाषा हक

हक अविनाश

अविनाश


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