कॉजपा प्रदर्शन: दीपके ने केंद्र की ‘उदासीनता’ की आलोचना की; वांगचुक का अनशन दूसरे दिन भी जारी

कॉजपा प्रदर्शन: दीपके ने केंद्र की 'उदासीनता' की आलोचना की; वांगचुक का अनशन दूसरे दिन भी जारी

कॉजपा प्रदर्शन: दीपके ने केंद्र की ‘उदासीनता’ की आलोचना की; वांगचुक का अनशन दूसरे दिन भी जारी
Modified Date: June 29, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: June 29, 2026 7:00 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन सोमवार को दसवें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्रों के हालिया आत्महत्या मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कथित उदासीनता की आलोचना की और उसपर प्रभावित परिवारों से संपर्क नहीं करने का आरोप लगाया।

दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कई पोस्ट में छात्रों—प्रदीप मेघवाल, आकांक्षा चतुर्वेदी, अमायरा कुमार और कहान पटेल—के नाम लेते हुए कहा कि उनके परिवारों को ‘‘न्याय के लिए भीख मांगने’’ की स्थिति में छोड़ दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने उनके परिवारों से संपर्क करके बच्चों की मौत पर खेद तक व्यक्त नहीं किया।

दीपके ने कहा, ‘‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सत्ता में बैठे लोग इतने उदासीन और अहंकारी कैसे हो सकते हैं कि उन्हें उन परिवारों से सम्पर्क करने की भी जरूरत महसूस नहीं होती, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप उनके बच्चों को वापस नहीं ला सकते, लेकिन कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि उनके परिवारों से मिलकर खेद व्यक्त करें और माफी मांगें। क्या यह भी बहुत ज्यादा है?’’

दीपके ने गुजरात के नीट अभ्यर्थी कहान पटेल के पिता से अपनी बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया। पटेल ने 18 जून को आत्महत्या कर ली थी। उसके पिता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के समक्ष अपनी चिंता जताने के लिए गुजरात से जंतर-मंतर पहुंचे थे।

वीडियो में, पटेल के पिता ने इस बात पर सवाल उठाया कि उनके बेटे को किस तरह पेश किया जा रहा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवार चाहता है कि लोग वास्तव में समझें कि वह कौन था।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपने अनशन के दूसरे दिन लोगों से कॉजपा और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर समर्थन जताते हुए उपवास में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कॉजपा और लद्दाख के समर्थन में मेरे अनशन का दूसरा दिन है। आप भी हमारे साथ शामिल हो सकते हैं। यदि यहां नहीं आ सकते तो शिक्षा, जवाबदेही और पर्यावरण सुधार के समर्थन में उपवास रखकर एकजुटता दिखाएं। देश को बेहतर बनाने के लिए पूरे भारत के लोगों को साथ आना चाहिए।’’

सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, जो परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में है। इस आंदोलन में सरकार से जवाबदेही की मांग की गई है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।

सोमवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव एम ए बेबी और वरिष्ठ नेता वृंदा करात जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति एकजुटता जतायी। उन्होंने अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उनके साथ एसएफआई संयुक्त सचिव आइशी घोष सहित स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई) के अन्य छात्र नेता भी मौजूद थे।

माकपा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘माकपा महासचिव एम.ए. बेबी और वरिष्ठ नेता वृंदा करात आज जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता के लिए जवाबदेही की मांग को लेकर जारी छात्र-युवा आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया।’

बेबी और करात ने छात्रों और युवाओं को भरोसा दिलाया कि माकपा न्याय की उनकी लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।

कॉजपा का यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है और यह परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है। अभिजीत दीपके ने कहा है कि यह आंदोलन केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों—जैसे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)—तक भी विस्तारित होगा।

इस आंदोलन को छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों का भी समर्थन मिला है।

जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन में आईसा से जुड़े छह छात्र मुख्य मंच से अलग एक मंच पर अपना अनशन जारी रखे हुए हैं। इनमें नेहा (आईसा की अखिल भारतीय अध्यक्ष), दानिश (जेएनयूएसयू संयुक्त सचिव), मनीष (आईसा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष), दीपक (दिल्ली विश्वविद्यालय में आईसा के उपाध्यक्ष), ऋषिकेश (जेएनयू के बराक हॉस्टल अध्यक्ष) और अमीन (एयूडी छात्र परिषद के पूर्व सीसी सदस्य) शामिल हैं।

रविवार देर रात को दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक के लिए पोर्टेबल शौचालय की सुविधा देने से इनकार कर दिया और कहा कि जंतर-मंतर के सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति नहीं है।

उन्होंने एक व्यक्ति का टिकट भी साझा किया, जो बिहार से प्रदर्शन में शामिल होने आया था।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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