कई विधायकों ने माना कि कानून का मसौदा उन्होंने नहीं पढ़ा था: अकालतख्त जत्थेदार

कई विधायकों ने माना कि कानून का मसौदा उन्होंने नहीं पढ़ा था: अकालतख्त जत्थेदार

कई विधायकों ने माना कि कानून का मसौदा उन्होंने नहीं पढ़ा था: अकालतख्त जत्थेदार
Modified Date: June 29, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: June 29, 2026 10:08 pm IST

अमृतसर, 29 जून (भाषा) अकालतख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने सोमवार को दावा किया कि पंजाब के कई विधायकों ने अकालतख्त के सामने माना कि अप्रैल में राज्य विधानसभा से पारित होने से पहले उन्होंने बेअदबी-विरोधी कानून का मसौदा नहीं पढ़ा था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने विधायकों को विधेयक का मसौदा सिर्फ़ एक दिन पहले भेजा था।

सोमवार को मंत्रियों समेत 87 सिख विधायक अमृतसर में अकालतख्त के सामने पेश हुए। अकालतख्त ने उन्हें ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून, 2026 (बेअदबी के खिलाफ़ कानून) पर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था।

अकालतख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह एक महीने के भीतर बेअदबी-विरोधी कानून से आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाए।

अकालतख्त पर विधायकों को संबोधित करते हुए, वहां के मुख्य जत्थेदार गरगज ने कानून पर कई आपत्तियां जताईं और राज्य सरकार से कहा कि जब तक इसमें उचित संशोधन न किए जाएं, तब तक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून, 2026’ को लागू करने पर रोक लगाई जाए।

इस बैठक की अगुवाई पांच सिंह साहिबों ने की, जिनमें गरगज, सचखंड श्री हरमंदर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह, ज्ञानी केवल सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह और श्री अकालतख्त साहिब के पंज प्यारे ज्ञानी मंगल सिंह शामिल थे।

कार्यवाही की शुरुआत अकालतख्त सचिवालय कार्यालय द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दो वीडियो क्लिप दिखाए जाने के साथ हुई, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि किसी धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी करने वाले मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के संरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गरगज ने विधायकों और मंत्रियों से पूछा कि क्या कानून में यह बात कही गई है कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों के माता-पिता को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।

उन्होंने मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और विधायकों से सवाल किया कि क्या इसे कानून में शामिल किया गया है।

बैठक की कार्यवाही यूट्यूब पर दिखाए जाने के दौरान, आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने जत्थेदार से आग्रह किया कि वे इसका प्रसारण न करें क्योंकि यह एक संवेदनशील मामला है।

इस पर जत्थेदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि हर कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाना चाहिए।

गरगज ने सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों से पूछा कि क्या उन्होंने बेअदबी विरोधी कानून का मसौदा तैयार करने से पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) या अकालतख्त से सलाह ली थी, जो सिखों की शीर्ष संस्था की मुख्य शिकायत है।

भाषा आशीष माधव

माधव


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