विदेश मंत्रालय और लद्दाख के प्रतिनिधियों ने बैठक के विवरण को लेकर मतभेद सुलझाए
विदेश मंत्रालय और लद्दाख के प्रतिनिधियों ने बैठक के विवरण को लेकर मतभेद सुलझाए
लेह, तीन जुलाई (भाषा) लेह शीर्ष निकाय (एलएबी) और कारगिल लोकतांत्रिक गठबंधन (केडीए) के नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय के साथ पिछली बैठक के विवरण पर मतभेदों को सुलझा लिया है।
उन्होंने इसे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए प्रस्तावित लोकतांत्रिक ढांचे पर औपचारिक बातचीत की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
यह घटनाक्रम लद्दाख के नागरिक समाज समूहों द्वारा 23 जून को किए गए बंद के दो सप्ताह से भी कम समय में सामने आया है। यह बंद 22 मई की बैठक के विवरण में अहम समझौतों को कथित तौर पर शामिल न करने और जमीन, शराब, बिजली, परिवहन और पर्यटन जैसे मुद्दों पर उप राज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन के ‘‘एकतरफा’’ फैसलों के विरोध में किया गया था।
लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने और इस क्षेत्र में छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग को लेकर संयुक्त रूप से आंदोलन चला रहे एलएबी और केडीए ने 2021 से केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत की है।
शुक्रवार को लेह में हुई एक अनौपचारिक बैठक में पिछली बैठक के विवरण को लेकर मतभेद सुलझा लिए गए। इस बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारी, एलएडी और केडीए के प्रतिनिधि और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सभी पक्षों ने आम सहमति बनने के बाद बैठक के संशोधित विवरण पर हस्ताक्षर किए।
एलएबी के उपाध्यक्ष शेरिंग दोरजे लाक्रूक ने पत्रकारों को बताया, ‘‘जिन मुद्दों पर मतभेद थे, खासकर बैठक के विवरण को लेकर, उन पर विस्तार से चर्चा हुई। काफी विचार-विमर्श के बाद आखिरकार उन मुद्दों पर सहमति बन गई। आखिर में, हम सभी ने विवरण की प्रति पर हस्ताक्षर किए।’’
दोरजे ने कहा कि संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर भी बातचीत आगे बढ़ी है। उनके अनुसार, गृह मंत्रालय ने संकेत दिया है कि अनुच्छेद 371-ए से 371-जे के तहत मौजूदा प्रावधानों को हूबहू लागू करने के बजाय, लद्दाख को और भी मजबूत सुरक्षा देने वाला एक ढांचा मिल सकता है।
दोरजे ने कहा कि उन्होंने केंद्र से अगले चरण की औपचारिक बातचीत में तेजी लाने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने सरकार से जल्द से जल्द आधिकारिक बातचीत करने की अपील की है ताकि हम जल्दी किसी नतीजे पर पहुंच सकें।’’
दोरजे ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चाहते हैं कि लद्दाख पर लंबे समय से चल रही बातचीत जल्द किसी नतीजे पर पहुंचे।
भाषा शफीक नरेश
नरेश

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