विभिन्न देशों के प्रवासी पक्षियों ने पंजाब के हरीके वेटलैंड में दी दस्तक |

विभिन्न देशों के प्रवासी पक्षियों ने पंजाब के हरीके वेटलैंड में दी दस्तक

विभिन्न देशों के प्रवासी पक्षियों ने पंजाब के हरीके वेटलैंड में दी दस्तक

: , November 29, 2022 / 08:30 PM IST

हरीके (पंजाब), 27 नवंबर (भाषा) विभिन्न देशों से प्रवासी पक्षियों ने पंजाब की हरीके आर्द्रभूमि (वेटलैंड) पर पहुंचना शुरू कर दिया है और अभी तक करीब 40,000 पक्षी उत्तरी भारत के सबसे बड़े वेटलैंड में दस्तक दे चुके हैं।

साइबेरिया, मंगोलिया, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, रूस और दुनियाभर के अन्य देशों से 90 से अधिक प्रजातियों के 90,000 से अधिक प्रवासी पक्षी हर साल तब हरीके वेटलैंड पहुंचते हैं जब सर्दियों में उनके मूल स्थानों पर जल स्रोत जम जाते हैं।

तरन तारन, फिरोजपुर और कपूरथला जिलों में 86 वर्ग किलोमीटर से अधिक इलाके में फैला हरीके वेटलैंड सर्दियों के दौरान दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी जलीय पक्षियों का घर है।

यह वेटलैंड सतलुज और ब्यास नदियों के संगम पर स्थित है।

पंजाब वन्यजीवन संरक्षण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, करीब 40,000 प्रवासी पक्षी अभी तक हरीके वेटलैंड पहुंच चुके हैं जिसे ‘हरी के पट्टन’’ के नाम से भी जाना जाता है।

उन्होंने बताया कि आगामी हफ्तों में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ सकती है।

‘वर्ल्ड वाइल्ड फंड फॉर नेचर’ (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) इंडिया की समन्वयक गीतांजलि कंवर ने कहा कि स्पूनबिल, रंगबिरंगे सारस, कूट, छोटी लालसरी, चकवा, गैडवॉल, बार हेडेड कलहंस, ग्रेलैग कलहंस और यूरेशियन टील जैसे पंखयुक्त पक्षी पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘गल्स, टर्न्स, सैंडपाइपर्स और प्लोवर्स जैसे तटीय पक्षी सबसे पहले आए। इस बार पक्षियों का प्रवास थोड़ी देर से हुआ है लेकिन आने वाले दिनों में और पक्षी आएंगे।’’

कंवर ने कहा, ‘‘हम ग्रेलैग गीस और रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड के आने का इंतजार कर रहे हैं। वे आए हैं लेकिन छोटे समूहों में।’’

उन्होंने कहा कि उनकी सटीक संख्या का पता जनवरी में चलेगा जब जलीय पक्षियों की गणना की जाएगी।

हरीके वेटलैंड में आने वाले प्रवासी पक्षी मार्च के अंत तक रहते हैं।

पिछले साल कुल 88 विभिन्न प्रजातियों के 74,869 प्रवासी पक्षी आए थे जबकि 2020 में 90 प्रजातियों के 91,025 पक्षी आए थे।

कंवर ने कहा कि प्रवासी पक्षियों के संरक्षण में भागीदारी के वास्ते वेटलैंड के समीप रह रहे समुदायों के लिए जागरूकता शिविर भी आयोजित किए गए।

वन्यजीव संरक्षण विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए हरीके में गश्ती दलों को भी तैनात किया गया है।

विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए गाइड भी तैनात किए हैं।

राज्य में हरीके वेटलैंड के अलावा प्रवासी पक्षी केशोपुर मानी वेटलैंड, नंगल वेटलैंड, रोपर वैटलैंड, कांजली वेटलैंड और ब्यास नदी के वेटलैंड में भी आते हैं।

भाषा गोला प्रशांत

प्रशांत

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)