एनएफएचएस फैक्टशीट से “गायब” संकेतकों की पहले से ही समीक्षा की जा रही है: सरकारी सूत्र

एनएफएचएस फैक्टशीट से “गायब” संकेतकों की पहले से ही समीक्षा की जा रही है: सरकारी सूत्र

एनएफएचएस फैक्टशीट से “गायब” संकेतकों की पहले से ही समीक्षा की जा रही है: सरकारी सूत्र
Modified Date: June 7, 2026 / 05:48 pm IST
Published Date: June 7, 2026 5:48 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-6 की ‘फैक्ट शीट’ में जिन संकेतकों के “गायब” होने का दावा किया जा रहा है, उनकी पहले से ही अलग-अलग राष्ट्रीय सर्वेक्षणों और सरकारी डाटाबेस के माध्यम से समीक्षा की जा रही है, इसलिए प्रारंभिक रिपोर्ट में उन्हें दोबारा शामिल नहीं किया गया।

मीडिया के कुछ वर्गों में उठे सवालों के जवाब में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फैक्ट शीट केवल जानकारी जारी करने का पहला चरण है, इसमें 101 प्रमुख संकेतक शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और जनसांख्यिकीय रुझानों की संक्षिप्त तस्वीर प्रस्तुत करना है।

सूत्रों ने कहा, ‘फैक्ट शीट जानकारी जारी करने का पहला चरण है। विस्तृत राष्ट्रीय रिपोर्ट में देश की स्थिति का कहीं अधिक व्यापक चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा।’

उन्होंने बताया कि बाद में जारी होने वाली राष्ट्रीय रिपोर्ट में अधिक संख्या में संकेतक, विस्तृत विश्लेषण और सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।

सूत्रों के अनुसार, जिन संकेतकों को फैक्ट शीट में ‘गायब’ बताया जा रहा है, उनमें से कई पहले से ही विशेष राष्ट्रीय प्रणालियों के माध्यम से दर्ज किए जा रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि उदाहरण के लिए, स्वच्छता और स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता से जुड़े आंकड़े स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सर्वेक्षणों के माध्यम से जुटाए जाते हैं, इसलिए इन्हें दोबारा फैक्ट शीट में शामिल करना आवश्यक नहीं समझा गया।

सूत्रों के अनुसार इसी प्रकार मृत्यु दर, जन्म पंजीकरण और जनसंख्या से जुड़े आंकड़े सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस), सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) और जनगणना प्रणाली के जरिए एकत्र किए जाते हैं, जो इन संकेतकों के आधिकारिक स्रोत हैं।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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