मानसून आया, केरल सरकार ने मीठे पानी की प्रजनन वाली मछलियों के शिकार पर सख्ती की

मानसून आया, केरल सरकार ने मीठे पानी की प्रजनन वाली मछलियों के शिकार पर सख्ती की

मानसून आया, केरल सरकार ने मीठे पानी की प्रजनन वाली मछलियों के शिकार पर सख्ती की
Modified Date: June 9, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: June 9, 2026 4:04 pm IST

कोच्चि, नौ जून (भाषा) केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ ही, मत्स्य विभाग ने मछली के जीवन चक्र की सबसे महत्वपूर्ण अवधियों में से एक के दौरान देशी मीठे पानी की मछली प्रजातियों की रक्षा के प्रयास तेज कर दिये हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मत्स्य विभाग ने मछली पकड़ने के उन अवैध चलन के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया है जिनके तहत प्रजनन के लिए नदियों से नहरों में पहुंचने वाली और धान के खेतों में प्रवास करने वाली मछलियों को निशाना बनाया जाता है।

यह मौसमी प्रवास स्थानीय भाषा में ‘ऊथकयाट्टम’ कहा जाता है। यह तब होता है जब मछलियां प्रजनन के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश में धारा के विपरीत तैरती हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान पकड़ी गई कई मछलियां अंडों से भरी होती हैं, जबकि अन्य अपरिपक्व छोटी मछलियां होती हैं। इन्हें पकड़ने से मछली की संख्या पर काफी असर पड़ सकता है और अंतर्देशीय मत्स्य पालन की दीर्घकालिक स्थिरता को खतरा हो सकता है।

अधिकारियों के अनुसार जिन इलाकों में मछली पकड़ने की अवैध गतिविधियों की सूचना मिली है, वहां विशेष गश्त तेज कर दी गई है।

विभाग के अनुसार, जलमार्गों में जाल बिछाकर अवैध रूप से मछलियां पकड़ने और उनके प्राकृतिक आवागमन को अवरुद्ध करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ऐसे तरीकों से मछलियां प्रजनन क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाती हैं और प्रवास के दौरान बड़ी संख्या में पकड़ी जा सकती हैं।

केरल अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि अधिनियम, 2010 के तहत, प्रजनन करने वाली मछलियों या किशोर मछलियों को पकड़ना दंडनीय अपराध है।

विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले वीडियो को साझा करने या प्रचारित करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

भाषा

राजकुमार मनीषा

मनीषा


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