मुफ्ती ने सोनम वांगचुक के खिलाफ एनएसए रद्द किए जाने का स्वागत किया

मुफ्ती ने सोनम वांगचुक के खिलाफ एनएसए रद्द किए जाने का स्वागत किया

मुफ्ती ने सोनम वांगचुक के खिलाफ एनएसए रद्द किए जाने का स्वागत किया
Modified Date: March 14, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: March 14, 2026 7:33 pm IST

श्रीनगर, 14 मार्च (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द करने के केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरणविद् के खिलाफ इस कठोर कानून को लागू नहीं किया जाना चाहिए था।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने उच्चतम न्यायालय द्वारा अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को जमानत दिए जाने के फैसले का भी स्वागत किया।

मुफ्ती ने यहां संवाददाताओं से कहा, “सबसे पहले तो सोनम वांगचुक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू ही नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने पर्यावरण के लिए बहुत काम किया है। साथ ही वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रशंसक भी थे, उनके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था।”

उन्होंने कहा, “खुशी की बात है कि उन्हें उनका अधिकार मिल गया है। हालांकि कई और लोग हैं, जो गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 के तहत जेलों में बंद हैं और उनके पास कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं हैं। उनमें से कई बिना मुकदमे के वर्षों से जेल में बंद हैं।”

केंद्र ने शनिवार को कहा कि उसने सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। उन्हें लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद करीब छह महीने पहले गिरफ्तार किया गया था, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई थी।

केंद्र के अनुसार, यह फैसला लद्दाख में शांति को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। यह निर्णय उस समय आया है, जब उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो द्वारा उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 17 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी थी।

मुफ्ती ने कहा कि दिन में पहले हुई पार्टी नेताओं की बैठक में कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की गई, खासकर ईरान के समर्थन में हुए हालिया प्रदर्शनों के संदर्भ में चर्चा की गई। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने के कारण कई लोग लगभग दो सप्ताह से जेल में बंद हैं।

उन्होंने कहा, “कश्मीरियों के दिल में ईरान के लिए खास जगह है, क्योंकि इस्लाम ईरान से कश्मीर आया। यह स्वाभाविक है कि कश्मीर के लोग ईरान के लोगों का दर्द महसूस करें, जो शैतानी ताकतों से लड़ रहे हैं। मैं उपराज्यपाल से अनुरोध करती हूं कि कश्मीर में हालिया ईरान समर्थक प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए।”

उन्होंने कहा कि बैठक में ईरान के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।

मुफ्ती ने कहा, “नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से ईरान के समर्थन के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों की सराहना की। हम मुस्लिम देशों से अपील करते हैं कि इस समय ईरान की मदद के लिए आगे आएं।”

उन्होंने केंद्र से क्षेत्र के प्रति अपनी नीति की समीक्षा करने का भी आग्रह किया और कहा, “हमारे ईरान के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। तेहरान कठिन समय में हमारे साथ खड़ा रहा है।”

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


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