नड्डा ने ईसुश्रुत-क्लिनिक की शुरुआत की, छोटे क्लिनिकों में डिजिटलीकरण को मिलेगा बढ़ावा

नड्डा ने ईसुश्रुत-क्लिनिक की शुरुआत की, छोटे क्लिनिकों में डिजिटलीकरण को मिलेगा बढ़ावा

नड्डा ने ईसुश्रुत-क्लिनिक की शुरुआत की, छोटे क्लिनिकों में डिजिटलीकरण को मिलेगा बढ़ावा
Modified Date: June 29, 2026 / 05:20 pm IST
Published Date: June 29, 2026 5:20 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने सोमवार को ईसुश्रुत-क्लिनिक की शुरुआत की जिसका उद्देश्य छोटे क्लिनिक और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के डिजिटलीकरण में तेजी लाना है।

‘ईसुश्रुत-क्लिनिक’ ‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग’ (सी-डैक) द्वारा विकसित किया गया ‘सॉफ्टवेयर’ है जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन आधारित एक अस्पताल प्रबंधन सूचना तंत्र है।

यह सॉफ्टवेयर छोटे बाह्य रोगी (ओपीडी) क्लीनिकों के लिए किफायती और उपयोग में आसान डिजिटल समाधान की कमी को दूर करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। ऐसे अधिकांश क्लीनिक आज भी अपने कामकाज के लिए काफी हद तक पारंपरिक प्रक्रियाओं पर निर्भर हैं।

मंत्रालय ने कहा कि बृहद अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) मंच अक्सर ऐसी सुविधाओं के लिए बहुत जटिल और महंगे होते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डिजिटलीकरण की गति सीमित हो जाती है।

इसने कहा कि ईसुश्रुत-क्लिनिक को एक सरल, क्लाउड-आधारित और किफायती एचएमआईएस के रूप में तैयार किया गया है जिसे सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एचडब्ल्यूसी), उप-केंद्रों और निजी क्लिनिकों में उपयोग किया जा सकता है।

इस मंच पर पहले ही 800 से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं को शामिल किया जा चुका है, जिससे 680 से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार हुए हैं।

‘सी-डैक’ 15 से अधिक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और कई राज्य सरकार के अस्पतालों में अपने प्रमुख ई-सुश्रुत सॉफ्टवेयर को भी लागू कर रहा है।

यह मंच क्लीनिकों के रोजमर्रा के कार्यों, जैसे रोगी पंजीकरण, बिलिंग और प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) संबंधी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को स्वचालित बनाता है।

इसमें स्पीच-टू-टेक्स्ट (बोलकर लिखने की) सुविधा, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (सीडीएसएस) तथा नवीनतम आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की नवीनतम सुविधाएं भी शामिल हैं जिनमें आभा (एबीएचए) खोज, स्कैन और साझा सेवाएं तथा डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड एकीकरण शामिल हैं।

इस सॉफ्टवेयर की कीमत पांच उपयोगकर्ताओं तक के लिए 499 रुपये प्रति माह रखी गई है। समझौता ज्ञापन के तहत, एनएचए 200 रुपये प्रति माह की सब्सिडी प्रदान करेगा, जिससे प्रभावी शुल्क घटकर 299 रुपये हो जाएगा।

भाषा

खारी संतोष

संतोष


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