नड्डा ने तीन साल तक के बच्चों के लिए स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत की

नड्डा ने तीन साल तक के बच्चों के लिए स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत की

नड्डा ने तीन साल तक के बच्चों के लिए स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत की
Modified Date: June 29, 2026 / 10:12 pm IST
Published Date: June 29, 2026 10:12 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने सोमवार को ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (एसएसबीएसके) की शुरुआत की। यह बच्चों की सेहत से जुड़ा एक एकीकृत कार्यक्रम है, जिसके तहत पहली बार जोखिम स्तर के आधार का तरीका अपनाया जाएगा। इसमें उन नवजात शिशुओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर खास नज़र रखी जाएगी और उन्हें बेहतर देखभाल दी जाएगी, जिनकी पहचान ‘जोखिम वाले’ बच्चों के तौर पर की गई होगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं को जन्म के पहले 42 दिनों में नौ बार घर पर जांच की सुविधा मिलेगी, जबकि जोखिम वाले बच्चों को 36 महीने की उम्र तक आठ बार तक घर पर यह सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विज्ञान भवन में एवं परिवार कल्याण मामलों की केंद्रीय परिषद के 16वें सम्मेलन में इस कार्यक्रम की शुरुआत की।

मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यक्रम ‘पहले तीन साल संपूर्ण देखभाल’ के विजन पर आधारित है, जिसमें बच्चे के जीवित रहने, पोषण, विकास और शुरुआती दिमागी विकास के लिए जीवन के पहले तीन साल के महत्व पर ध्यान दिया गया है।

नड्डा ने माताओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए एक रणनीति भी पेश की, जिसमें 13 उच्च प्राथमिकता वाले राज्यों के 130 ज़िलों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

इसके तहत पहचाने गए 130 ज़िले असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में हैं।

अधिकारियों ने बताया कि नड्डा ने राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवाओं के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए, जिनका उद्देश्य देश भर में एम्बुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच, दक्षता और तत्परता सुनिश्चित करने के लिए एक जैसे मानक तय करना है।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ये दिशा-निर्देश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एम्बुलेंस सेवाओं का मानकीकरण करने और आपातकालीन चिकित्सा परिवहन प्रणाली को मज़बूत करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचा प्रदान करते हैं।

भाषा

नेत्रपाल दिलीप

दिलीप


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