नारकोटिक जिहाद टिप्पणी : माकपा ने भाजपा पर लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटने का आरोप लगाया

नारकोटिक जिहाद टिप्पणी : माकपा ने भाजपा पर लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटने का आरोप लगाया

Edited By: , September 14, 2021 / 10:59 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 14 सितंबर (भाषा) पाला के बिशप जोसेफ कल्लारंगट की ‘नारकोटिक जिहाद’ वाली टिप्पणी को लेकर उत्पन्न विवाद की पृष्ठभूमि में केरल में सत्तारूढ़ माकपा ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह साम्प्रदायिक आधार पर लोगों को बांटकर उस स्थिति का राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। माकपा ने कहा कि राज्य की साम्प्रदायिक शांति और सौहार्द को भंग करने के लिए आक्रामक टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए।

केरल में माकपा के कार्यवाहक सचिव ए. विजयराघवन ने ट्वीट किया, ‘‘किसी को भी ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण हो। केरल के लोग साम्प्रदायिक शांति और सौहार्द पसंद करते हैं। किसी को भी उस सौहार्द को भंग करने के लिए आक्रामक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। भाजपा इस मुद्दे का साम्प्रदायीकरण कर लाभ लेना चाहती है।’’

माकपा नेता ने अपने बयान में ‘नारकोटिक जिहाद’ का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बिशप के बयान का इस्तेमाल कांग्रेस और माकपा दोनों को निशाना बनाने के लिए किया।

पाला में कल बिशप से मिलने के बाद भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पी. के. कृष्णदास ने आरोप लगाया कि माकपा और कांग्रेस चरमपंथी तत्वों के पक्ष में हैं और वरिष्ठ कैथोलिक पादरी के बयान से उत्पन्न विवाद को सुलझाने के स्थान पर वे समाज में समस्या पैदा कर रहे हैं।

विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन के आरोपों का जवाब देते हुए विजयराघवन ने कहा कि कांग्रेस के जमात-ए-इस्लामी जैसी साम्प्रदायिक पार्टियों के साथ गठजोड़ किया था ताकि इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों में वोट हासिल कर सके।

गौरतलब है कि सतीशन ने आरोप लगाया था कि माकपा ने इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के राजनीतिक मोर्चे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के साथ हाथ मिलाया है ताकि कोट्टायम जिले के एरात्तुपेट्टा नगर निगम से यूडीएफ प्रशासन को बाहर किया जा सके।

माकपा नेता ने कहा, ‘‘कांग्रेस को इस मामले में सरकार की आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पिछला चुनाव उन्होंने जमात-ए-इस्लामी जैसे साम्प्रदायिक दलों के वोट बटोरते हुए लड़ा। यहां तक कि विपक्ष के नेता भी इसी तरह का फायदा उठाकर चुने गए।’’

आज दिन में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा था कि इस मामले से कहीं से भी नहीं जुड़े लोगों का एक समूह सोशल मीडिया पर घृणा अभियान चला कर आग में घी डालने का काम कर रहा है और यह दक्षिण भारत के राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करना चाह रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा नीत सरकार इस विवाद को समाप्त करने के लिए कुछ नहीं कर रही है, सिर्फ मूक दर्शक बनी हुई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से कैथोलिक बिशप की ‘नारकोटिक जिहाद’ वाली टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे पोस्ट देखने का अनुरोध किया और पूछा कि अपने हितों के लिए कुछ तत्व साम्प्रदायिक झड़प पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सरकार, खुफिया विभाग और पुलिस की साइबर सेल क्या कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दो समुदायों के बीच टकराव रोकने के लिए कांग्रेस ठोस रुख अपनाएगी, और तनाव खत्म करने के सरकार के किसी भी प्रयास का पार्टी समर्थन करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें दोनों समुदायों के सभी नेता भाग लें। सरकार को यह तनाव समाप्त करना चाहिए। ऐसे भी लोग हैं जो इस अवसर के इंतजार में हैं ताकि केरल को तबाह कर सकें। हम सभी से बार-बार अनुरोध करते हैं कि उनके जाल में ना फंसें।’’

भाषा अर्पणा दिलीप

दिलीप