नटराजन का नामांकन रद्द; बुधवार को निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाएगा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
नटराजन का नामांकन रद्द; बुधवार को निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाएगा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मध्य प्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ बुधवार को निर्वाचन आयोग जाएगा, हालांकि मंगलवार को ‘‘आयोग में प्रवेश की इजाजत नहीं मिलने’’ पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता वहीं बाहर धरने पर बैठ गए थे।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव जयराम रमेश, भूपेश बघेल और सचिन पायलट तथा कुछ अन्य नेता मंगलवार देर शाम आयोग के मुख्यालय पहुंचे और जब ‘‘अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली’’ तो वहीं मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।
कुछ देर बाद आयोग की ओर से पार्टी के दो नेताओं को ज्ञापन सौंपने की अनुमति मिली और फिर वेणुगोपाल एवं बघेल ने अंदर जाकर ज्ञापन सौंपा।
बाद में आयोग ने कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को बुधवार दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया।
आयोग के बाहर के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया। यह सूचना मिलने के 30 मिनट के भीतर, हमने निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजकर मिलने के लिए समय की मांग की। इसके बाद हम सीधे भारत के निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपने के लिए यहां पहुंचे, लेकिन (हमें) अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।’’
उनका कहना था, ‘‘हम इस देश के जिम्मेदार नेता और जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। हमें सूचना मिली कि एक या दो नेताओं को कार्यालय में ज्ञापन देने की अनुमति मिल सकती है। इसके बाद मैं और बघेल जी ने ज्ञापन सौंपा।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हालांकि, हमें अपना पक्ष रखने और बहस करने के लिए निर्वाचन आयोग के समक्ष आमने-सामने की सुनवाई की आवश्यकता है।’’
वेणुगोपाल ने दावा किया कि यह लोकतंत्र की हत्या का स्पष्ट मामला है।
उनका कहना था, ‘‘अगर इस देश में लोकतंत्र का थोड़ा सा भी अंश बचा है तो निर्वाचन आयोग को बिना किसी देरी के इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।’’
वेणुगोपाल ने इससे पहले यह भी कहा था, ‘‘अगर वे (आयोग) हमें बुधवार सुबह मिलने का समय देते हैं, तो हम तब तक इंतजार करने के लिए तैयार हैं, अन्यथा हम सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का सहारा लेंगे।’’
कांग्रेस का आरोप है कि उनके उम्मीदवार का नामांकन सिर्फ एक नोटिस का हवाला देकर खारिज किया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है।
इससे पहले, कांग्रेस के संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने सवाल किया, ‘इस देश में क्या हो रहा है? क्या यह ‘बनाना रिपब्लिक’ है?’
उनका कहना था, ‘‘हमें न्याय चाहिए, कानूनी कदम उठाएंगे, हम अदालत भी जाएंगे।’’
उन्होंने दावा किया कि बिना किसी कारण के नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है।
पायलट ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई मामला दर्ज है, न आरोप-पत्र दाखिल हुआ है और न ही किसी मामले में सजा हुई है, इसके बावजूद एक नोटिस मिलने का हवाला देकर नामांकन खारिज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इसके पीछे निश्चित तौर पर कोई षड्यंत्र है और इसपर निर्वाचन आयोग को ध्यान देना चाहिए।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया।
मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने जानबूझकर अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का अपने शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि इसे लेकर दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को मतदान होना है।
भाषा हक सुरेश
सुरेश

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