नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा

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नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 06:28 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 06:28 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

विशेष न्यायाधीश रुचि अग्रवाल असरानी ने आरोपी की न्यायिक हिरासत का केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का अनुरोध स्वीकार कर लिया।

संघीय एजेंसी ने कहा कि खैरनार सहित अन्य आरोपी परीक्षा शुरू होने से पहले ही नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्रों के लीक होने में “सक्रिय रूप से” शामिल थे।

सीबीआई ने अपनी रिमांड अर्जी में कहा, “जांच करने के उद्देश्य से, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना आवश्यक है, ताकि उन्हें सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने से रोका जा सके।”

एजेंसी ने कहा कि आरोपियों को फरार होने, भौतिक या डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने और “प्रश्न पत्रों को लीक करने से जुड़े इसी तरह के अपराधों को अंजाम देने” से रोकने के लिए भी न्यायिक हिरासत आवश्यक थी।

याचिका में कहा गया है, “यह मामला फिलहाल जांच के प्रारंभिक चरण में है और न्यायिक हिरासत इसके हित में आवश्यक है। यह निवेदन किया जाता है कि मामले में प्रगति के आधार पर, कानूनी प्रावधानों के अनुसार, जांच के लिए आगे भी (खैरनार की) पुलिस हिरासत की जरूरत हो सकती है।”

इससे पहले, अदालत ने 14 मई को कहा था कि आरोपियों के गोपनीय प्रश्नपत्र को आर्थिक लाभ के लिए लीक करने वाले “संगठित गिरोह” से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद खैरनार और चार अन्य को सात दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया था।

इसके बाद, सीबीआई ने अदालत से कहा था कि आरोपी से आगे पूछताछ जरूरी है, ताकि उन सह-आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके, जिन्हें उसने (खैरनार ने) कथित तौर पर नीट-यूजी का प्रश्नपत्र बेचा था। इस पर अदालत ने 20 मई को खैरनार की हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी थी।

सीबीआई ने कहा था कि इस बड़ी साजिश और लीक हुए प्रश्नपत्र के स्रोत का पता लगाना होगा और आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना होगा।

एजेंसी के अनुसार, खैरनार से उन स्थानों की पहचान के लिए भी पूछताछ की जानी है, जहां कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र दिए गए थे।

इस बीच, अदालत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पुणे की भौतिकी की लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार फिलहाल ट्रांजिट रिमांड में हैं और उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। हवलदार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि मामले के पांच अन्य आरोपियों को भी 25 मई को सीबीआई की हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

मेडिकल कॉलेज में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच दो दिन बाद रद्द कर दिया गया था।

सरकार ने इस मामले में कथित “अनियमितताओं” की व्यापक जांच करने का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है।

भाषा प्रशांत पारुल

पारुल