आधुनिक भारत के ताने-बाने से नेहरू को अलग नहीं किया जा सकता : कांग्रेस

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आधुनिक भारत के ताने-बाने से नेहरू को अलग नहीं किया जा सकता : कांग्रेस

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 12:50 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 12:50 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक योगदानों को लगातार नकारने और उन्हें तोड़-मरोड़कर पेश करने, बदनाम करने तथा छोटा साबित करने की ‘‘दुर्भावनापूर्ण कोशिश’’ का आरोप लगाया और कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री को आधुनिक भारत के ताने-बाने से अलग नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर कहा कि जैसे-जैसे मोदी सरकार द्वारा हमारी राजनीति, समाज और अर्थव्यवस्था को पहुंचाए गए नुकसान की सच्चाई हर गुजरते दिन के साथ और स्पष्ट होती जा रही है, नेहरू की प्रासंगिकता भी उतनी ही बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज से 62 वर्ष पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन हुआ था। आज भी उन्हें पढ़ा, समझा और विश्लेषित किया जाता है। उनकी आलोचना भी होती है और सराहना भी। यही इतिहास की प्रकृति है और उन महान ऐतिहासिक हस्तियों की विरासत की भी, जो समय की रेत पर अपने अमिट पदचिह्न छोड़ जाती हैं।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि नेहरू को आधुनिक भारत के ताने-बाने से अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि उन्होंने ही इस देश को निर्णायक रूप से, गहराई से और सबसे बढ़कर, बेहद लोकतांत्रिक तरीके से आकार दिया।

रमेश ने कहा, ‘‘वैज्ञानिक सोच के विकास को लेकर उनका गहरा आग्रह ही भारत की तकनीकी क्षमताओं और सामर्थ्य की नींव बना।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे मोदी सरकार द्वारा हमारी राजनीति, समाज और अर्थव्यवस्था को पहुंचाए गए नुकसान की सच्चाई हर गुजरते दिन के साथ और स्पष्ट होती जा रही है, नेहरू की प्रासंगिकता भी उतनी ही बढ़ती जा रही है। यही प्रधानमंत्री की असहजता का सबसे बड़ा कारण है।’’

कांग्रेस ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री का दूरदर्शी नेतृत्व ‘‘हमें हमेशा मार्गदर्शन देता रहेगा।’’

राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ यहां शांतिवन स्थित नेहरू स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

भारत के पहले और सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे जवाहरलाल नेहरू का 1964 में 74 वर्ष की आयु में पद पर रहते हुए निधन हो गया था।

भाषा

गोला मनीषा

मनीषा