जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने उपभोक्तावाद के प्रति चेतावनी दी

जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने उपभोक्तावाद के प्रति चेतावनी दी

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  • Publish Date - September 7, 2021 / 09:35 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:02 PM IST

अहमदाबाद, सात सितंबर (भाषा) नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की नवीनतम रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए कहा कि समय आ गया है जब ध्यान उपभोक्तावाद पर से हटाकर संरक्षण पर केंद्रित किया जाए।

उन्होंने कहा कि अगर जलवायु परिवर्तन से होने वाली क्षति को ठीक करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो आपदा सामने है। गुजरात विश्वविद्यालय से संबद्ध इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबिलिटी (आईआईएस) में एमबीए कार्यक्रम ‘कृषि उद्यमिता और मूल्य श्रृंखला प्रबंधन’ की शुरुआत करने के मौके पर कुमार ने कहा,‘‘मैं सभी से अपील करता हूं कि आप उपभोक्तावादी संस्कृति की जाल में नहीं फंसे… मैं मानता हूं कि समय आ गया है कि हम दिखाएं कि हम कितना संरक्षित कर सकते हैं न कि कितना उपभोग कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने का रास्ता प्राकृतिक संसाधनों के कम उपभोग और कम संसाधन का इस्तेमाल कर अधिक नवोन्मेषी वस्तुएं बनाने और इन संसाधनों के पुनर्चक्रण में हैं।

कुमार ने कहा, ‘‘संरक्षण और अपनी जरूरतों को कम कर बहुत लाभ और उपलब्धि प्राप्त की जा सकती है बजाय उपभोक्तावादी समाज बनने के। पांरपरिक रूप से भारतीय समाज बहुत कम कचरा पैदा करने वाला है और ‘इस्तेमाल करों और फेंको’ उसकी संस्कृति का हिस्सा नहीं है।’’

भाषा

धीरज माधव

माधव