नर्स सरला भट हत्याकांड: 1990 के मामले के आरोप पत्र में यासीन मलिक मुख्य आरोपी नामजद
नर्स सरला भट हत्याकांड: 1990 के मामले के आरोप पत्र में यासीन मलिक मुख्य आरोपी नामजद
श्रीनगर, 29 जून (भाषा) राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) ने सोमवार को 700 से अधिक पन्नों का एक आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें अप्रैल 1990 में आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण व बर्बर हत्या मामले में, प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
एजेंसी ने इसे आतंकवाद के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में ‘‘मील का पत्थर’’ बताया है।
एसआईए ने 2024 में मामला सौंपे जाने के बाद इसे फिर से खोला और यहां राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) सौरा में नर्स के तौर पर काम करने वाली भट के लापता होने और इसके एक दिन बाद मृत पाये जाने की घटना से संबंधित है।
उस समय आतंकवादी संगठन जेकेएलएफ के स्वयंभू ‘कमांडर-इन-चीफ’ रहे मलिक के अलावा, उसके चार साथियों — खुर्शीद अहमद चाल्कू, अब्दुल हामिद शेख, गुलाम मोहम्मद टपलू और मोहम्मद यूसुफ सूफी — को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
आरोपियों को आतंकवाद एवं विध्वंसक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (टाडा),1987 और भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपित किया गया है।
एसआईए ने एक बयान में कहा कि मामला पुराना हो जाने पर भी आतंकवाद के लिए ढाल नहीं बन सकता और अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोग कानून के समक्ष जवाबदेह बने रहेंगे।
यह मामला मार्च 2024 में एसआईए को सौंपा गया था और जांच एजेंसी ने पिछले दो वर्षों में कई जगहों पर छापेमारी की, ताकि पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया जा सके।
एसआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि 737 पन्नों का यह आरोप पत्र, जिसे गहन जांच के बाद बहुत मेहनत से तैयार किया गया है, दशकों से जमा किये गए मौखिक, दस्तावेजी, फोरेंसिक, ‘बैलिस्टिक’, मेडिकल और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का पुख्ता संग्रह है।
लगभग 35 साल बाद आरोप पत्र दाखिल करना आतंकवाद पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में मील का पत्थर है और जम्मू कश्मीर में पुराने आतंकी अपराधों की जांच में यह एक सबसे अहम सफलता है।
एसआईए के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जांच से पता चला है कि इस अपहरण और बर्बर हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में जेकेएलएफ के तत्कालीन मुख्य कमांडर मोहम्मद यासीन मलिक के साथ-साथ खुर्शीद अहमद चाल्कू, अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू भी शामिल थे।
उन्होंने बताया, ‘‘अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू की मौत हो चुकी है। मोहम्मद यासीन मलिक फिलहाल एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में है।’’
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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