ओडिशा : 2016 में नबरंगपुर में हुई झड़प के मामले में 19 को उम्रकैद

ओडिशा : 2016 में नबरंगपुर में हुई झड़प के मामले में 19 को उम्रकैद

ओडिशा : 2016 में नबरंगपुर में हुई झड़प के मामले में 19 को उम्रकैद
Modified Date: May 24, 2026 / 03:35 pm IST
Published Date: May 24, 2026 3:35 pm IST

नबरंगपुर (ओडिशा), 24 मई (भाषा) ओडिशा के नबरंगपुर जिले की एक अदालत ने 2016 में दो समूहों के बीच हुए संघर्ष के मामले में 19 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुनीता पटनायक ने गवाहों, बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों की समीक्षा के बाद शनिवार को यह फैसला सुनाया।

यह घटना 16 जुलाई, 2016 को उमरकोट प्रखंड के बौंशबेड़ा गांव में सरकारी जमीन पर खेती को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, बौंशबेड़ा गांव निवासी बलराम हरिजन निकटवर्ती तेलगांव गांव में सरकारी जमीन के एक टुकड़े पर खेती कर रहा था जिसका आदिवासी ग्रामीणों ने विरोध किया और वन विभाग से वहां पौधे लगाने का आग्रह किया, लेकिन बलराम ने पौधों को कथित रूप से उखाड़ दिया। इससे इलाके में तनाव पैदा हो गया।

इसके बाद आदिवासी ग्रामीणों का एक समूह बलराम के घर गया और कहासुनी के दौरान बलराम ने गुरूबारू भतरा पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया, जबकि एक अन्य आरोपी गणपति हरिजन ने फागुनू भतरा का कथित तौर पर गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि गंभीर रूप से घायल गुरूबारू ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के बाद सैकड़ों आदिवासी ग्रामीणों ने बलराम के घर को कथित तौर पर घेर लिया, पथराव किया और मकान में आग लगा दी तथा बलराम ने जब छत के रास्ते भागने की कोशिश की, तो भीड़ ने उसे कथित तौर पर पकड़ लिया और पीटकर उसकी हत्या कर दी।

सरकारी वकील अशोक कुमार पाढ़ी ने बताया कि पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने कहा कि लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में 19 लोगों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

भाषा

सिम्मी दिलीप

दिलीप


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