ओडिशा मंत्रिमंडल ने पर्यटन को बढ़ावा देने वाली दो प्रमुख योजनाओं को दी मंजूरी
ओडिशा मंत्रिमंडल ने पर्यटन को बढ़ावा देने वाली दो प्रमुख योजनाओं को दी मंजूरी
भुवनेश्वर, नौ जून (भाषा) ओडिशा मंत्रिमंडल ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच साल की अवधि में 2,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली दो योजनाओं को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक के दौरान पांच विभागों के 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें पर्यटन से जुड़ी दो योजनाएं भी शामिल हैं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार ने पर्यटन आधारित आर्थिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने तथा राज्य भर में आतिथ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से आतिथ्य अवसंरचना हेतु भूमि बैंक के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचना के विकास में एक प्रमुख चुनौती आसानी से उपलब्ध, अतिक्रमण-मुक्त और निवेश के लिए तैयार भूखंडों की कमी रही है।
बयान में कहा गया है कि इस कमी को दूर करने के लिए मंत्रिमंडल ने पर्यटन विभाग के तहत एक समर्पित पर्यटन भूमि बैंक गठित करने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत, ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में सरकारी और निजी भूखंडों को मिलाकर लगभग 5,500 एकड़ भूमि की पहचान की जाएगी और उसे विकसित किया जाएगा।
इनमें चिल्का, कोणार्क, पुरी (शामुका), धौली, हीराकुड, सतकोशिया, सिमिलिपाल, भीतरकनिका, दारिंगबाड़ी, देवमाली, बौद्ध सर्किट, जीरंगा, तालसारी और तमपारा आर्यपल्ली आदि शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की अवधि में लागू की जाएगी, जिसके तहत प्रति वर्ष 300 करोड़ रुपये का परिव्यय होगा और कुल अनुमानित वित्तीय व्यय 1,500 करोड़ रुपये रहेगा।
सरकार ने कहा कि इस पहल से होटल, रिसॉर्ट, कन्वेंशन सेंटर, इको-टूरिज्म परियोजनाओं, मनोरंजन सुविधाओं तथा अन्य पर्यटन-संबंधी अवसंरचना में निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, ।
इसी प्रकार, राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ पांच वर्ष की अवधि में जलसमीप क्षेत्र विकास योजना को लागू करने का भी निर्णय लिया है।
भाषा अमित
अमित

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