ओडिशा सरकार ने जनगणना अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसओपी जारी की
ओडिशा सरकार ने जनगणना अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसओपी जारी की
भुवनेश्वर, 23 अप्रैल (भाषा) जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों पर हमलों की खबरों के बाद, ओडिशा सरकार ने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की सुरक्षा के लिए बृहस्पतिवार को एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की।
बुधवार को ढेंकनाल जिले में एक व्यक्ति के घर पहुंचने पर दो महिलाओं समेत कम से कम चार अधिकारियों पर हमला किया गया और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई।
ड्यूटी पर तैनात इन अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में तीन लोगों – एक पिता और उसके दो बेटों – को गिरफ्तार किया गया है। खुर्दा जिले के तंगी इलाके से भी इसी तरह की घटना की सूचना मिली है।
सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और निगम आयुक्तों को लिखे पत्र में, राजस्व और आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अरबिंद पाधी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में, कुछ अप्रिय घटनाएं सामने आई हैं, जिससे जनगणना कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और जनगणना कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।’’
पाधी ने कहा कि इस मामले को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने जनगणना कर्मियों, विशेष रूप से गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक (ई एंड एस)की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनगणना कार्य को सुचारू एवं समय पर पूरा करने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
उन्होंने कहा, ‘‘जनगणना कार्यों के दौरान एसओपी का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।’’
एसओपी में प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है कि ई एंड एस (ई एंड एस) कर्मी क्षेत्र में काम के दौरान हर समय अपना सरकारी पहचान पत्र पहनें और अपने नियुक्ति पत्र साथ रखें।
एसओपी में कहा गया है कि इन कर्मियों को भीषण गर्मी के (पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक) दौरान काम करने से बचना चाहिए तथा निर्जलीकरण और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
मानक परिचालन (एसओपी) में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दूरदराज के छिटपुट या संवेदनशील इलाकों में ई एंड एस को टीम और समूहों में काम करना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य की स्थिति जानने और किसी भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए हर घंटे गणनाकर्ताओं पर नजर रखनी चाहिए।
कठिन परिस्थितियों से निपटने के संबंध में, मानक परिचालन (एसओपी) में कहा गया है, ‘‘दुश्मनी या संभावित खतरे की स्थिति में, गणनाकर्ताओं को तुरंत पीछे हट जाना चाहिए और टकराव से बचना चाहिए। वे उस घर/इलाके को छोड़ सकते हैं और सुरक्षा के साथ बाद में वहां जा सकते हैं। ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जानी चाहिए।’’
एसओपी के अनुसार इन कर्मियों को पुलिस प्रशासन के संपर्क में रहना चाहिए। ऐसे कर्मियों के नाम एवं अन्य विवरण भी संबंधित थानों के पास होने चाहिए।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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